आक्रोश: ब्राह्मण समुदाय पर व्यंग और उनके चरित्र को छिन्न करता गीत

रिपोर्ट:-अमित रतूड़ी

नरेन्द्र नगर तहसील की ढाल वाला में रहने वाली बहु चर्चित लोक गायिका अनिशा रांगड़,और उनके बुद्धिजीवी लेखक कमल धनाई इन दिनों अपनी लेखन औऱ गायकी की मात खा रहे हैं। मामला ये है कि इन दोनों कलाकारों ने अपने गायन और लेखन में ब्राह्मण समुदाय पर व्यंग और उनके चरित्र को छिन्न कर दिया है। 

जिससे वैदिक ब्राह्मण सभा खासे आक्रोश में है। सभा के सदस्यों ने उक्त कलाकारों पर कानूनी करवाई करने की मांग को लेकर बैठक की है। जिसमे कहा गया कि जल्द से जल्द करवाई न हुई तो वह उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे,इस सम्बंद में मीडिया द्वारा जब प्रतिक्रिया को लेकर गायिका अनिशा रांगड़ से संपर्क किया जा रहा है तो वह फोन उठाने तक कि जहमत तक नही उठा रही हैं। 

सभा के लोगों ने अल्टीमेटम दिया है कि गायिका की माफी मांगने से माफ नहीं किया जाएगा,बल्कि न्यायिक प्रकिया की जो सजा होगी वह गायिका और लेखक को मिलनी चाहिये। सभा के अध्यक्ष रमेश व्यास ने कहा कि जल्द ही उग्र वाक्या के खिलाफ आंदोलन होगा।

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