आउटसोर्सिंग एजेंसी की अनियमितताएं: 81 कर्मचारियों के ईपीएफ और वेतन रोके गए

नैनीताल। जिले के चिकित्सा विभाग में बाहरी एजेंसी के जरिए कार्य करने वाले कर्मियों की धैर्य की सीमा अब पार हो चुकी है। तीन माह से वेतन न मिलने तथा ईपीएफ (EPF) में कटौती संबंधी गड़बड़ियों के कारण नाराज स्टाफ ने बाहरी फर्म की कथित अनियमितताओं के विरुद्ध मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नैनीताल को memorendum […]

नैनीताल। जिले के चिकित्सा विभाग में बाहरी एजेंसी के जरिए कार्य करने वाले कर्मियों की धैर्य की सीमा अब पार हो चुकी है। तीन माह से वेतन न मिलने तथा ईपीएफ (EPF) में कटौती संबंधी गड़बड़ियों के कारण नाराज स्टाफ ने बाहरी फर्म की कथित अनियमितताओं के विरुद्ध मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नैनीताल को memorendum प्रस्तुत कर शीघ्र हस्तक्षेप की अपील की है।

 

गौरतलब है कि विजिलेंट सिक्योरिटी, प्लेसमेंट एंड डिटेक्टिव सर्विसेज के तहत नियोजित लगभग 81 कर्मियों का दावा है कि उन्हें अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक का वेतन नहीं प्रदान किया गया। स्टाफ का कहना है कि प्रदेश प्रशासन के स्पष्ट आदेश हैं कि फर्म को वेतन अग्रिम रूप से उपलब्ध कराना चाहिए, किंतु यहां भुगतान को लंबे समय तक रोका जा रहा है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है।

 

ईपीएफ और ईएसआई में गंभीर अनियमितताएं

memorendum में स्टाफ ने फर्म की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण आरोप लगाए हैं। कर्मियों ने स्पष्ट किया कि:

 

अप्रैल तथा मई 2024 का ईपीएफ अभी तक जमा नहीं हुआ।

फरवरी 2025 से सितंबर 2025 तक और नवंबर 2025 के पश्चात का ईपीएफ/ईएसआई काट लिया गया है, लेकिन उनके खातों में ट्रांसफर नहीं किया गया।

कर्मियों ने इसे उनके दीर्घकालिक हितों के साथ छेड़छाड़ के रूप में वर्णित किया है।

प्रमुख अपील: जिला स्वास्थ्य समिति में शामिल किया जाए

बार-बार होने वाली इस तरह की परेशानियों से परेशान होकर स्टाफ ने सीएमओ से अनुरोध किया है कि उन्हें निजी बाहरी फर्म की बजाय सीधे जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) में समाहित किया जाए। कर्मियों का मत है कि इससे न सिर्फ उन्हें समयबद्ध वेतन प्राप्त होगा, बल्कि ईपीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भी स्पष्टता सुनिश्चित रहेगी।

सीएमओ का वादा: एमडी और जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा

memorendum देने वालों में प्रमुख रूप से स्मिता तिवारी, कुंदन बिष्ट, हितिका पोखरिया सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे। मुद्दे की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सीएमओ नैनीताल ने स्टाफ को विश्वास दिलाया कि उनकी उचित अपीलों को प्राथमिकता देते हुए एमडी एनएचएम (एमडी एनएचएम) तथा जिलाधिकारी नैनीताल के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि वेतन और ईपीएफ की समस्या का जल्द समाधान हो सके।

Also Read This

एक्शन: कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या के बाद फरार आरोपी को पुलिस ने दबोचा

मोरी, उत्तरकाशी। 11 सितंबर 2026।नीरज उत्तराखंडी मोरी थाना पुलिस ने ग्राम बरी में हुई हत्या के मामले में फरार चल रहे 20 वर्षीय आरोपी को...

बिग ब्रेकिंग : धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले

देहरादून :मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को उत्तराखंड सचिवालय में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को...

Related Posts