राघव चड्ढा को लेकर आम आदमी पार्टी में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आतिशी, सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह समेत कई दिग्गजों ने उन पर निशाना साधा है।
फिल्मी डायलॉग से दिया जवाब
इन आरोपों पर राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो जारी कर पलटवार किया। उन्होंने फिल्मी अंदाज में कहा—
“घायल हूं, इसलिए घातक हूं।”
उन्होंने साफ कहा कि उनके खिलाफ “स्क्रिप्टेड कैंपेन” चलाया जा रहा है और बार-बार झूठ दोहराकर उसे सच बनाने की कोशिश की जा रही है।
मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।
Three Allegations. Zero Truth.
My Response: pic.twitter.com/tPdjp04TLt
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 4, 2026
“तीन आरोप, जीरो सच्चाई”
राघव चड्ढा ने AAP के तीनों आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं।
1️⃣ वॉकआउट में शामिल न होने का आरोप
उन्होंने कहा कि यह सरासर गलत है। संसद में हर जगह CCTV कैमरे लगे हैं, फुटेज निकालकर देखा जा सकता है कि उन्होंने हमेशा विपक्ष का साथ दिया है।
2️⃣ CEC हटाने की याचिका पर साइन न करने का आरोप
इस आरोप को भी उन्होंने “सफेद झूठ” बताया। उन्होंने कहा कि,आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता ने इस प्रस्ताव पर साइन करने को मुझसे नहीं कहा। न औपचारिक तौर पर, न अनौपचारिक तौर पर।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं। इनमें से 6-7 सांसदों ने खुद इस प्रस्ताव पर साइन नहीं किए। राज्यसभा में इस प्रस्ताव को लाने के लिए सिर्फ 50 हस्ताक्षरों की जरूरत होती है, जबकि विपक्ष के 105 सांसद हैं। फिर इतना शोर क्यों।
3️⃣ संसद में मुद्दे न उठाने और डर जाने का आरोप
इस पर राघव चड्ढा ने कहा कि मैं राज्यसभा में चीखने चिल्लाने, माइक तोड़ने नहीं गया हूं। मैं वहां सिर्फ जनता के मुद्दे उठाने गया हूं। मैंने सदन में लोगों की ही बात की।
मैंने जीएसटी से इनकम टैक्स तक की बात की। पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा में प्रदूषण का मुद्दा संसद में उठाया।
संसद में उठाए ये मुद्दे
राघव चड्ढा ने दावा किया कि उन्होंने राज्यसभा में:
- GST और इनकम टैक्स
- पंजाब के पानी का मुद्दा
- दिल्ली में प्रदूषण
- स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था
- बेरोजगारी और महंगाई
जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
“हर झूठ को बेनकाब करूंगा”
अंत में राघव चड्ढा ने कहा कि वे हर झूठ को उजागर करेंगे और संसद में प्रभावी काम करने पर ध्यान देंगे, न कि सिर्फ शोर-शराबा करने पर।




