उत्तराखंड की संगीता बनी मिस इंडिया वुमेन ऑफ डिगनिटी

देहरादून। सपनों को पूरा करने और ऊंची उड़ान उड़ने की वैसे तो कोई उम्र नहीं होती पर अक्सर, सामाजिक ताने-बाने में लड़कियां उलझ कर रह जाती है, और अपने सपनों का उन्हें गला घोटना पड़ जाता है। लेकिन इन सब से ऊपर उठ कर उत्तराखंड के चौपड़ियूँ गांव की एक महिला ने सिर्फ अपना ही […]

देहरादून।

सपनों को पूरा करने और ऊंची उड़ान उड़ने की वैसे तो कोई उम्र नहीं होती पर अक्सर, सामाजिक ताने-बाने में लड़कियां उलझ कर रह जाती है, और अपने सपनों का उन्हें गला घोटना पड़ जाता है।

लेकिन इन सब से ऊपर उठ कर उत्तराखंड के चौपड़ियूँ गांव की एक महिला ने सिर्फ अपना ही नहीं, बल्कि अपने उत्तराखंड के नाम भी रोशन किया है। सन 1998 में संगीता  ने भारतीय वायुसेना में कमिशन प्राप्त कर अपने चौपडिय़ूं गांव, पौड़ी गढ़वाल का नाम रोशन किया और अपनी जिंदगी के 21 साल भारतीय वायुसेना में बिताए।

इस दौरान उन्होंने अपनी कार्यकुशलता के दम पर कई पुरस्कार भी प्राप्त किए। आपको जानकर बेहद हर्ष होगा कि, संगीता उत्तराखंड की पहली महिला ग्रुप कैपटेन हैं। उन्होंने सन 2019 में वायुसेना को अलविदा कहकर अपने बचपन के एक अधूरे सपने को पूरा करने का सोचा और  मिस इंडिया वुमेन ऑफ डिगनिटी प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।

गौरतलब है कि, पूरे भारत से संगीता का फाइनलिस्ट में चयन हुआ और 06 अगस्त 2021 को वह दूसरे नंबर पर रनर अप रहीं। संगीता ने 45 साल की उम्र में यह साबित कर दिखाया कि, सौंदर्य प्रतियोगिता में सिर्फ बाहरी खूबसूरती ही नहीं अपितु दिल की खूबसूरती ज्यादा मायने रखती है।

संगीता उत्तराखंड की युवा पीढ़ी के लिए एक उदाहरण है, या यह कह सकते है कि, यदि आप अपने सपनो की ऊंची उड़ान भर ले तो किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते है।

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