स्मार्ट सिटी का फर्जी चीफ- एक माह से सरकारी मेहमान

बिना अनुमति के सरकारी निरीक्षण भवन मे  महीनो  से रह रहा फर्जी अधिकारी, खुद को स्मार्ट सिटि का प्रदेश प्रमुख बताता है ये शख्स डीएम ने ऐसे किसी अधिकारी के जनपद मे होने की सूचना से किया इनकार बिना अनुमति के निरीक्षण भवन मे रहने की होगी जांच डीएम डॉ आशीष कुमार  उत्तरकाशी जिला मुख्यलाय आज कल […]

बिना अनुमति के सरकारी निरीक्षण भवन मे  महीनो  से रह रहा फर्जी अधिकारी, खुद को स्मार्ट सिटि का प्रदेश प्रमुख बताता है ये शख्स डीएम ने ऐसे किसी अधिकारी के जनपद मे होने की सूचना से किया इनकार
बिना अनुमति के निरीक्षण भवन मे रहने की होगी जांच डीएम डॉ आशीष कुमार
 उत्तरकाशी जिला मुख्यलाय आज कल अपने निजी लग्जरी वाहन मे उत्तराखंड सरकार का बोर्ड लगाए एक शख्स खूब चर्चाओं मे है।
खुद को उत्तराखंड के स्मार्ट सिटी का हैड बताने वाला यह शख्स महीनों से उत्तरकाशी के लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन–गौमुख भवन कक्ष संख्या दो को अपना निजी आवास बनाए बैठा है।
नियमानुसार सरकारी गेस्ट हाउस मे रात्री विश्राम के लिए डीएम ऑफिस से अनुमति पत्र जरूरी होता है और नाजिर कक्ष मे रजिस्टर मे इसकी बाकायदा अंकन किया जाता है।किन्तु जब पर्वतजन की टीम डीएम ऑफिस के प्रोटोकॉल कक्ष मे पहुंची  इस शख्स के नाम कोई भी कोई भी बुकिंग नहीं मिली। कार्यालय मे तैनात कर्मचारी ने बताया कि उक्त शख्स बड़े-बड़े वीआईपी लोगों के साथ होने का दावा करता है, किन्तु वह आखिर है कौन, इसकी जानकारी उन्हे भी नहीं है।
निरीक्षण भवन के चौकीदार धरम सिंह ने बताया कि अधिकारी के फोन पर ही कक्ष उक्त शख्स के लिए खोला जाता रहा है। चौकीदार ने कहा कि अपने वाहन मे उत्तराखंड सरकार का बोर्ड लटकाए इस अधिकारी के बारे मे वह भी कुछ नहीं जानते हैं और न ही उसके नाम से कोई अनुमति पत्र ही बना है।
मामला डीएम के संज्ञान मे लाने पर उन्होने इसकी जांच कारवाई तो विभाग मे हड़कंप मच गया।
 आनन-फानन मे कर्मचारी यहां वहां दौड़ने लगे और थोड़ी ही देर मे अपना सामान  बांध कर उक्त फर्जी अधिकारी गेस्ट हाउस खाली कर लापता हो गया। अब सवाल ये है कि नियमों को ताक पर रखकर किसकी शाह पर उक्त शख्स इतने दिनों से बिना अनुमति के सरकारी बंगले मे रह रहा था!

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