पहाड़ो में मचता हाहाकार:मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में ही नहीं है पानी, पम्पिंग योजनाएं भी ठप

इंद्रजीत असवाल पौड़ी गढ़वालसतपुली :  गर्मी की दस्तक से पहाड़ो में हाहाकार मचने लगा है| ग्रामीणों को कई कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है | मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सतपुली के आसपास के कई गांव में पानी की किल्लत हो रही है और सम्बंधित विभाग जल जीवन मिशन में व्यस्त है|  पैतृक […]

इंद्रजीत असवाल

पौड़ी गढ़वालसतपुली : 

गर्मी की दस्तक से पहाड़ो में हाहाकार मचने लगा है| ग्रामीणों को कई कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है | मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सतपुली के आसपास के कई गांव में पानी की किल्लत हो रही है और सम्बंधित विभाग जल जीवन मिशन में व्यस्त है|  पैतृक जल स्रोत सूखने की कगार पर है , पम्पिंग योजनाएं रखरखाव के कारण ठप हो रही है | 

कहते है कि, पहाड़ का पानी व पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नही आती|  

जी हां ये सत्य है, आज हम आपको नयार नदी के तट पर बसे गांव उखलेत के बारे में बता रहे है| गांव वासियों का कहना है कि, उनको मुश्किल से पूरे दिन में 15 से 20 लीटर ही पानी मिल पाता है|  क्योंकि जल स्रोत व पाइप लाइन पुरानी हो गई है जो हल्के जोर से ही टूट जाती है|जिस कारण कई दिन पानी आता ही नहीं है|

  लोगों का कहना है कि, इसी माह गांव में शादियां है ऐसे में पानी कहां से आएगा | ये चिंता का विषय बना हुआ है|  इस पानी के लिए आये दिन ग्रामीणों के आपस में झगड़े हो रहे है|

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