त्रिवेन्द्र सरकार हिंदुत्व और भ्रष्टाचार मुक्त समाज देने में नाकाम। बोले सुब्रमण्यम स्वामी

त्रिवेन्द्र सरकार हिंदुत्व और भ्रष्टाचार मुक्त समाज देने में नाकाम। बोले सुब्रमण्यम स्वामी

वर्तमान उत्तराखंड सरकार हिंदुत्व और भ्रष्टाचार मुक्त समाज देने में नाकाम रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मेनका गांधी द्वारा उत्तराखंड से भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड पर लगाए गए 3000 करोड रुपए के घोटाले के आरोप के जवाब में यह ट्वीट किया है। भाजपा के मेनिफेस्टो के विपरीत वर्तमान उत्तराखंड सरकार यह दावा करने के लिए अनफिट है कि, वह हिंदुत्व और भ्रष्टाचार मुक्त समाज का प्रतिनिधित्व करती है।

गौरतलब है कि, पिछले दिनों भाजपा की वरिष्ठ नेता मेनका गांधी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था और भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड पर 3000 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया था। मेनका गांधी ने इस घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी, किंतु त्रिवेंद्र सरकार ने सीबीआई जांच से इनकार करते हुए उत्तराखंड के प्रमुख सचिव मनीषा पंवार से इस मामले की जांच करने को कहा था। लेकिन मनीषा पंवार ने यह जांच करने में असमर्थता दी। इसके बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आनंद वर्धन को इसकी जांच सौंप दी।

सुब्रमण्यम स्वामी के इस बयान के बाद उत्तराखंड में जीरो टोलरेंस पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है। एक दिन पहले एबीपी न्यूज़ ने अपने सर्वे में मुख्यमंत्री को सर्वाधिक नकारा मुख्यमंत्रियों में प्रथम स्थान पर बताया है। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी के मामले कई स्टिंग आदि के माध्यम से बाहर आ ही जाते हैं। उत्तराखंड सरकार ने अपने स्तर से भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है।

छात्रवृत्ति घोटाले से लेकर nh-74 जैसे घोटाले हाईकोर्ट के आदेश के बाद जाकर दर्ज हो सके, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार ही जांच करने में भी फिसड्डी है। यही कारण है कि, हाईकोर्ट कई बार इन मसलों को सीबीआई को सौंपने की बात कह चुका है, किंतु अभी तक त्रिवेंद्र सरकार की जांच कछुआ चाल से चल ही रही है। इसके अलावा फॉरेस्ट भर्ती में भी अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। इस बीच उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ सीबीआई को भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा दर्ज करके जांच करने के आदेश देकर सियासी पारा काफी गर्म कर दिया।

हालांकि त्रिवेंद्र सिंह रावत हाईकोर्ट का आदेश मानने की बजाय तत्काल सुप्रीम कोर्ट चले गए, अब वहां यह मामला विचाराधीन है। भाजपा सरकार के विधायक पूरन फर्त्याल काऊ प्रधान से लेकर कई नेता अपनी ही सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार के कई मंत्रियों के खिलाफ खुद विभाग ने ही भ्रष्टाचार के मामलों की जांच दिखाई है तो कई मंत्रियों की शिकायत लोगों ने खुद ही जनहित याचिका के रूप में कोर्ट में लगा रखी है। इन सब प्रकरणों के बीच सुब्रमण्यम स्वामी का बयान उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दे रहा है।

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