Uttarakhand Weather News: बद्रीनाथ धाम में खिसका ग्लेशियर।तीन फीट तक जमी बर्फ, बढ़ी ठंड

रिपोर्ट: गिरीश चंदोला / चमोली उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बद्रीनाथ धाम में लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश के बीच ग्लेशियर खिसकने की घटना सामने आई है, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई। कंचनगंगा के पास ग्लेशियर का तेज बहाव कंचनगंगा के पास पहाड़ों से तेजी […]

रिपोर्ट: गिरीश चंदोला / चमोली

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बद्रीनाथ धाम में लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश के बीच ग्लेशियर खिसकने की घटना सामने आई है, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई।

कंचनगंगा के पास ग्लेशियर का तेज बहाव

कंचनगंगा के पास पहाड़ों से तेजी से फिसलती बर्फ नदी की ओर बहती नजर आई, जो देखने में सफेद दूध की धारा जैसी प्रतीत हो रही थी।

यह घटना उस समय हुई जब मास्टर प्लान के तहत काम कर रहे कर्मचारी वापस लौट रहे थे। अचानक ग्लेशियर के खिसकने से सड़क पर बर्फ जम गई और रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया।

 वायरल हुआ वीडियो, कर्मचारी लौटे वापस

घटना के दौरान मौजूद कर्मचारियों ने पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया।

यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस प्राकृतिक दृश्य को देखकर हैरान हैं।

 तीन फीट तक जमी बर्फ, बढ़ी ठंड

बताया जा रहा है कि बद्रीनाथ धाम में करीब तीन फीट तक बर्फ जम चुकी है और बर्फबारी लगातार जारी है।

ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश के साथ ठंड में भी इजाफा हुआ है।

मौसम में इस बदलाव से लोगों को मार्च में ही दिसंबर जैसी सर्दी का एहसास होने लगा है।

 किसानों के लिए राहत की खबर

लगातार बारिश और बर्फबारी से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

दिसंबर और जनवरी में कम बारिश के कारण फसलों को नुकसान की आशंका थी, लेकिन अब यह मौसम खेती के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।

औली में भी बढ़ी रौनक, पर्यटन को मिला बूस्ट

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली के ऊपरी इलाकों में भी लगातार बर्फबारी हो रही है।

इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है और होटल व पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है।

ठंड बढ़ी, लेकिन उम्मीद भी

मार्च के अंतिम दिनों में बदले मौसम ने जहां ठंड को दोबारा बढ़ा दिया है, वहीं किसानों और पर्यटन व्यवसाय के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।

फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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