देहरादून। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने आईएसबीटी थाना, पटेलनगर देहरादून के चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक देवेश खुगशाल को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 14 मई 2025 को की गई।
सतर्कता अधिष्ठान को शिकायतकर्ता द्वारा दी गई एक लिखित शिकायत में बताया गया था कि बजांरावाला (देहरादून) में भूमि विवाद से जुड़ा एक मामला चौकी प्रभारी के पास जांचाधीन था। आरोप है कि चौकी प्रभारी देवेश खुगशाल ने शिकायतकर्ता को गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी और राहत देने के एवज में 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
शिकायत की गोपनीय जांच के बाद आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए गए। इसके बाद सतर्कता अधिष्ठान ने ट्रैप टीम गठित कर योजना बनाई। तय योजना के अनुसार 14 मई को शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की पहली किश्त लेते ही देवेश खुगशाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
इस संबंध में सतर्कता अधिष्ठान ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
ट्रैप टीम को मिला पुरस्कार
सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेसन ने टीम को इस सफल कार्रवाई के लिए नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और इस तरह की कार्रवाइयों से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
जनता से की गई अपील
सतर्कता अधिष्ठान ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है या अवैध संपत्ति अर्जित करता है, तो टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सऐप नंबर 9456592300 पर इसकी सूचना दें। यह कदम जन-सहभागिता से भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई को मजबूती देगा।




