बड़ी खबर: जिला पंचायत चुनाव में अपहरण कांड पर हाईकोर्ट सख्त।डीएम ने दी री-पोलिंग की सिफारिश..

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में आज जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण मामले में हुई सुनवाई के दौरान एस.एस.पी.और डी.एम.वर्चुअली उपस्थित हुए। न्यायालय पुलिस कार्यवाही से स्तब्ध हुआ तो जिलाधिकारी ने एक घंटे में निर्वाचन को लिखकर री-पोलिंग(पुनः मतदान) की बात कही है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार के लिए रखी है।
जिला पंचायत के दस सदस्यों को वोट कराने के बाद मुख्य न्यायाधीश जे नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने शाम को एस.एस.पी.प्रह्लाद नारायण मीणा और डी.एम.वंदना सिंह को वरचुअली उपस्थित होने को कहा। सरकार की तरफ से बताया गया कि पांच सदियों ने उन्हें एफिडेविट देकर कहा है कि वो इस मतदान से स्वतः ही दूर रहना चाहते हैं।
एस.एस.पी.ने न्यायालय से कहा कि अभी तक उन पांचों सदस्यों तक पहुंचा नहीं जा सका है, लेकिन उन्हें कुछ क्लू मिले हैं। कहा कि हम पिछले दस दिनों से उन्हें तलाश रहे हैं। लापता सभासदों के परिवारों को सुरक्षा देने के लिए पूछा तो उन्होंने इनकार कर दिया। परिजनों ने इसकी शिकायत दर्ज करने के लिए भी मना कर दिया था। पांच सभासदों ने एफिडेविट देकर कहा कि स्वयं इस चुनाव से अलग हो रहे हैं।
सी.एस.सी.चंद्रशेखर सिंह रावत ने न्यायालय को अवगत कराया उनके पास तीन एफिडेविट मेल से प्राप्त किये हैं। धारी के दीप सिंह बिष्ट ने एफिडेविट दे दिया है। जंगलिया गांव के विपिन सिंह और दो अन्य ने एफिडेविट दिया है।
सी.जे.ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि एस.एस.पी.अपराधियों को बचाना चाहते हैं। एफिडेविट आज खरीदकर लगाते हो और कहते हो कि आपको पता ही नहीं है। ऐसा लगता है कि आज न्यायालय के आदेश के बाद ही एफिडेविट खरीदे गए हैं।
जिलाधिकारी वंदना सिंह ने न्यायालय से कहा कि हम शपथ में दे सकते हैं कि हमने साफ चुनाव कराया है। वोटिंग में कुछ गड़बड़ी हो सकती है इसकी आशंका को देखते हुए कल शाम ही मैंने आदेश जारी कर सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कराने के लिए अपने अधिकारियों को कह दिया है। हमने वोट करने आने वाले सदस्यों को वोट करने के लिए समय खत्म होने के बावजूद अतिरिक्त समय दिया है। हम दोबारा वोटिंग कराने के लिए तैयार हैं। डी.एम.ने कहा की हम एक घंटे में निर्वाचन को री- पोलिंग के लिए पत्र भेज रहे हैं।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने न्यायालय को बताया कि वीडियो में सदस्य बवाड़ी को गुंडे उठा रहे हैं, पुलिस खड़ी देख रही है। इसपर न्यायालय ने कप्तान से पंचायत सदस्य को उठाने का वाइरल वीडियो देखने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मुझे किसी ने नहीं भेजा और उन्हें जानकारी नहीं है। सी.जे.के एस.एस.पी. से सी.डी.आर.निकालकर उन्हें ट्रेस करने के संवाल पर कप्तान ने कहा कि अब तल्लीताल थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है, इसलिये अब सी.डी.आर.व अन्य के आधार पर कार्यवाही की जा सकती है।
खंडपीठ ने कहा कि घटना के समय मौजूद पुलिस वालों के खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए। पीड़ितों ने शिकायत देकर अपहरणकर्ताओं के नाम दिए हैं, लेकिन शिकायत नहीं ली गई है, उन्होंने अपहरणकर्ताओं के नाम भी खोले हैं। जिला पंचायत सदस्य प्रमोद सिंह के भाई विनोद कोटलिया ने कहा कि वो रात नैनीताल आए थे और आज सवेरे प्रमोद उन्हें मिले। बताया कि जिला पंचायत के नजदीक से ही प्रमोद को उठा ले गए। न्यायालय के पूछने पर उन्होंने कहा कि अपहरण में प्रताप, आनंद, बॉबी, शंकर, शुभम, कोमल, पंकज नेगी, चतुर, प्रमोद, विशाल नेगी मौजूद थे। धारी के जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह बिष्ट की बहन 20 वर्षीय उमा बिष्ट को न्यायालय में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि दीपक आज सवेरे 7 बजे निकला लेकिन अबतक उसका कुछ आता पता नहीं मिला है।
जिला पंचायत सदस्य विपिन जंतवाल के पुत्र ने न्यायालय में उपस्थित होकर कहा की
पिता कल रात घर पर नहीं थे। अंतिम बार कल बात हुई थी। आज दोपहर में यशपाल आर्या के फेसबुक पोस्ट में देखा कि पिता का अपहरण हुआ है और अबतक कुछ आता पता नहीं है।
न्यायालय ने चुनाव को जिलाधिकारी के चुनाव पुनः करने के सुझाव पर मोहर लगते हुए एस एस पी से पांचों सदस्यों को सुरक्षित उनके ठिकानों पर पहुंचने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होनी है। कॉंग्रेस ने न्यायालय से मिली राहत के बाद मल्लीताल से मॉल रोड होते हुए तल्लीताल तक जुलूस निकाला।

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