देहरादून, 23 अगस्त। उत्तराखंड में अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके परिवारों को अब बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GEIMS) और एक्स-सीएपीएफ पर्सनल एसोसिएशन के बीच शुक्रवार को एक एमओए (MoA) साइन किया गया है।
इसके तहत जवानों, पूर्व कर्मियों और उनके आश्रित परिजनों को सीजीएचएस द्वारा स्वीकृत दरों पर चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा।
जवानों और आश्रितों को सस्ती दरों पर चिकित्सा सुविधा
समझौते के अनुसार, अर्धसैनिक बलों के जवानों और नॉन-सीजीएचएस डिपेंडेंट्स को ओपीडी और आईपीडी परामर्श, पैथोलॉजिकल जांचें, शल्य चिकित्सा, कैंसर ट्रीटमेंट और निर्धारित दरों पर बेड सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस सुविधा का लाभ सिर्फ जवानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि माता-पिता, पुत्र-पुत्रवधू, पुत्री-दामाद को भी मिलेगा। इसके अलावा विधवाओं, वीर नारियों और अधीनस्थ अधिकारियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
उम्र और आय पर निर्भर नहीं होगी सुविधा
एमओए के अनुसार, यह सुविधा देते समय उम्र, आय या रोजगार की स्थिति का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यानी हर कार्मिक और उनके परिवार को समान लाभ मिलेगा। यह पहल उत्तराखंड में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
MoA पर हुए हस्ताक्षर
इस समझौते पर ग्राफिक एरा अस्पताल की ओर से महाप्रबंधक मेजर जनरल (अवकाश प्राप्त) संजय पुरी और एक्स-सीएपीएफ एसोसिएशन की ओर से महासचिव (अवकाश प्राप्त) कमांडेंट जे एस तडियाल ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें आईजी एस एस कोठियाल (से. नि) बीएसएफ, आईजी पी सी डंगवाल (से. नि) एसएसबी, डीआईजी डॉ एन एस धर्मशक्तू (से. नि) आईटीबीपी, कमांडर जे एस तड़ियाल (से. नि) आईटीबीपी, कमांडर एस सी एस रावत (से. नि) सीआरपीएफ, निरीक्षक कुंदन सिंह (से. नि) सीआरपीएफ और ग्राफिक एरा के अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।







