बड़ी खबर : महाराज के खिलाफ ग्रामीणों का भारी आक्रोश। घण्टों जाम किया राष्ट्रीय राजमार्ग

 

अनुज नेगी

पौड़ी।

उत्तराखंड बनने के बाद से ही पहाड़ी जिलें विकास के लिए तरस रहें है,मगर प्रदेश सरकार जरा भी इन जिलों में विकास की बात नही करते,जिसके कारण दिनों दिन पहाड़ो से गांव खाली होते जा रहे है।

जनपद पौड़ी गढ़वाल के सबसे हॉट सीट वाली विधानसभा चौबट्टाखाल मे आज ग्रामीणों ने सड़क के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग को कई घण्टे जाम कर दिया, जिसके कारण बारात लेकर जा रहे कहीं बारातियों व यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

चौबट्टाखाल विधानसभा के ग्रामीणों में आज बीरोंखाल ब्लॉक में सड़क के डामरीकरण को लेकर फिर एक आंदोलन फूट पड़ा है। ये आंदोलन पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज के खिलाफ फूटा है।

बैजरो बयेड़ा मार्ग के डामरीकरण की मांग को लेकर शुरू हुए मातृशक्ति के आंदोलन की तर्ज पर ही ये दूसरा आंदोलन फूटा है। तस्वीर में दिख रही ये महिलाएं अपने हाथ में बैनर लिए बैजरो पुल पर एक अदद रोड के लिए प्रदर्शन कर रही हैं।

गडकोट ग्रामसभा की क्षेत्रीय जनता पिछले 24 सालो से इस इंतजार में है कि उनके इलाके को कब पक्की रोड मिलेगी। लेकिन इन्तजार की भी हद होती है, जिसके बाद अब इलाके के लोगो का गुस्सा फुट पड़ा है और उन्होंने दल बल के साथ बैजरो पुल पर अपना धरना शुरू कर दिया है , सुबह तीन बजे से ही इलाके की लगभग 300 महिलाएं और पुरुष पुल पर आकर जम गई है। उनकी मांग है कि फरसाडी – छाचीरौ मार्ग का डामरीकरण तुरंत करवाया जाए , उसके बाद छाचीरौ से इस मार्ग को सत्यनगर तक मिलाया जाए।

कल जैसे ही ग्रामीणों को खबर लगी कि सतपाल महाराज के जनसंपर्क अधिकारी राय सिंह नेगी इस इलाके में है ग्रामीण सुबह तीन बजे से ही पुल पर इकट्ठे हो गए , जैसे ही सतपाल महाराज के पीए वहां पहुंचे स्थानीय जनता ने उन्हें वही पुल पर घेर दिया है।

खबर लिखे जाने तक महिलाओं का धरना जारी है।महिलाओं का कहना है कि सतपाल महाराज के सार्वजानिक निमार्ण मंत्री बनने के बाद उन्हें बिस्वास था कि मार्ग का काम शुरू हो जाएगा लेकिन अब लगता है कि झूट ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा।

अधिशासी अभियंता प्रत्युष कुमार जिनके पास बैजरो प्रखंड की भी जिम्मेदारी है, ने बताया कि इस रोड का एस्टीमेट पहले भी शासन के पास गया था लेकिन किस कारण वह निरस्त हुआ इसकी जानकारी उन्हें नहीं है, उन्होंने कहा कि अब हम खुद इस रोड की डीपीआर बना रहे हैं और एक सप्ताह के अंदर हम इसे प्रशासन को भेज देंगे, आगे की कार्रवाही शासन की ओर से होनी है। इस बीच ग्रामीण इस मार्ग पर अड़े है कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता तब तक वे नहीं हटेंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले बैजरो -बयेडा मार्ग को लेकर भी क्षेत्र की महिलाओं ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था , इस इलाके की सड़क को भी पिछले दस सालों से डामरीकरण का इंतजार है। उसके बाद बीरोंखाल ब्लाक के अंतर्गत खिटोटिया गांव तक सड़क बनाने की मांग को लेकर दो गांवों के ग्रामीणों ने काशीपुर-बुआखाल हाईवे 309 पर सिरोली में प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया था।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts