मोरी/उत्तरकाशी, अप्रैल: नीरज उत्तराखंडी
प्रधानमंत्री हनी मिशन स्वरोजगार योजना के तहत विकासखंड मोरी में वितरित किए गए मधुमक्खी पालन बी-बॉक्स (Bee Box) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
क्षेत्र के किसानों ने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) पर अधूरे और खराब बॉक्स देने का आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 एवं 9 फरवरी 2026 को मोरी क्षेत्र के 14 किसानों एवं बागवानों को योजना के तहत बी-बॉक्स वितरित किए गए थे।
योजना के अनुसार प्रत्येक बॉक्स में मधुमक्खियां, रानी मधुमक्खी, फ्रेम तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जानी थी।
किसानों का आरोप है कि वितरित किए गए कई बॉक्स में मरी हुई मधुमक्खियां पाई गईं, जबकि कुछ में केवल खाली फ्रेम या कॉलोनियां ही दी गईं।
सांकरी निवासी किसान भगत सिंह राणा ने बताया कि बॉक्स लेने के 7 से 10 दिन बाद जब उन्हें खोला गया, तो उनमें मधुमक्खियां नहीं थीं, जिससे कॉलोनियां विकसित नहीं हो सकीं।
किसानों का कहना है कि इस लापरवाही के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है और योजना का उद्देश्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
प्रभावित किसानों ने विभाग से मांग की है कि उन्हें मधुमक्खियों सहित पूर्ण रूप से तैयार बी-बॉक्स उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे दोबारा मधुमक्खी पालन कार्य शुरू कर सकें।
साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी से मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।




