एक्सक्लूसिव: हरिद्वार जेल में मोबाइल, मोबाइल में जेल?

कुमार दुष्यंत हरिद्वार की रोशनाबाद जिला जेल कैदियों से मोबाइल मिलने के बाद एक बार फिर चर्चा में है।कभी अपनी बेहतरीन व्यवस्था व खूबियों के लिए जानी जाने वाली जिला जेल अब अव्यवस्थाओं के लिए सुर्खियां बटोर रही है।कभी जेल में कैदियों के पास मोबाइल मिलते हैं।तो कभी कैदी जेल से ही अपने सोशल मीडिया […]

कुमार दुष्यंत

हरिद्वार की रोशनाबाद जिला जेल कैदियों से मोबाइल मिलने के बाद एक बार फिर चर्चा में है।कभी अपनी बेहतरीन व्यवस्था व खूबियों के लिए जानी जाने वाली जिला जेल अब अव्यवस्थाओं के लिए सुर्खियां बटोर रही है।कभी जेल में कैदियों के पास मोबाइल मिलते हैं।तो कभी कैदी जेल से ही अपने सोशल मीडिया अकाऊंट को अपडेट करते दीखते हैं।

चाक-चौबंद व्यवस्थाओं वाली जिला जेल में कैदियों से बार-बार मिल रहे मोबाइल की घटनाओं जेल प्रशासन के आला अधिकारी भी हैरान हैं।
एकदिन पूर्व जेल में एकांतवास सजा काट रहे एक कैदी को बंदीरक्षक ने फोन पर बात करते सुना था।जिसके बाद शुक्रवार को हुई तलाशी में कैदियों के पास से छुपाकर रखे गये तीन मोबाइल मिले।इनमें से एक फोन सुनील राठी के गुर्गे विपिन जैन से रिकवर हुआ है।कुख्यातों से जेल में फोन मिलने से पूरे जेल महकमे में हड़कंप है।हालांकि हरिद्वार की जिला जेल में फोन मिलने की यह कोई पहली घटना नहीं है।मार्च से अब तक जेल में कैदियों से आधा दर्जन फोन बरामद हो चुके हैं।पिछले दिनों तो एक कैदी गुरविंदर ने स्मार्ट फोन से अपना विडियो रिकार्ड कर जेल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए उच्चाधिकारियों को भेज दिया था।जिसके बाद जेल अधीक्षक बदल दिया गया।लेकिन अब एकसाथ तीन मोबाइल मिलने से साफ है कि जिला जेल में कैदी अब भी मोबाइल सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं।सूबे की सुरक्षित जेलों में शुमार हरिद्वार की जिला जेल में यह सब कैसे संभव हो रहा है।यह एक बड़ा सवाल है।

जेल से अपराधियों द्वारा रंगदारी वसूलने की घटनाओं के दृष्टिगत जिला जेल की इस बड़ी खामी के उजागर होने से हरकोई हैरत में है।
यूं हरिद्वार की जिला जेल प्रदेश की सबसे सुरक्षित, सुंदर, साफ-सफाई वाली जेल मानी जाती है।जेल में बड़े पैमाने पर शुगर फ्री निर्माण में काम आने वाली स्टीविया व एलोविरा की खेती हो रही है।वीआईपी कंपनी ने कैदियों के हित में अपनी एक पूरी यूनिट ही जेल में बनाई हुई है।जिसमें कैदियों द्वारा वीआईपी सूटकेस आदि का निर्माण किया जाता है।इसके अतिरिक्त इस जेल में कैदियों द्वारा निर्मित कुर्सियां व दरियां प्रदेश के सरकारी विभागों में उपयोग में लायी जाती हैं।

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