देखिए वीडियो: न हेलीकॉप्टर आया न 108 मिली।आपदा से पस्त पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ जिले के तहसील मुनस्यारी के अंतर्गत एक जुलाई को हुई अत्यधिक वर्षा के कारण पेयजल, मोटर मार्ग, पैदल मार्ग आदि क्षतिग्रस्त हो रखे हैं लेकिन शासन प्रशासन 18 दिन बाद भी इन आपदाग्रस्त क्षेत्रों की कोई सुध नहीं ले रहा है। ग्रामीण विषम परिस्थितियों में घायलों को बमुश्किल अस्पताल तक पहुंचा पा रहे हैं। […]

पिथौरागढ़ जिले के तहसील मुनस्यारी के अंतर्गत एक जुलाई को हुई अत्यधिक वर्षा के कारण पेयजल, मोटर मार्ग, पैदल मार्ग आदि क्षतिग्रस्त हो रखे हैं लेकिन शासन प्रशासन 18 दिन बाद भी इन आपदाग्रस्त क्षेत्रों की कोई सुध नहीं ले रहा है। ग्रामीण विषम परिस्थितियों में घायलों को बमुश्किल अस्पताल तक पहुंचा पा रहे हैं।

देखिए वीडियो 

https://youtu.be/RlUWUdgmUI8

मुनस्यारी के गोरी पार क्षेत्र के बसंतकोट, बोथी  रिंगू चुलकोट आदि क्षेत्रों में पेयजल और सड़क मार्ग ध्वस्त हो गए हैं। यह आवागमन के लिए भी नहीं खोले जा सके हैं। हालत यह है कि गौरी पार के ग्राम बोथी के कुशाल सिंह बोथ्याल को चट्टान से पत्थर गिरने के कारण उनका पैर टूट गया तो पार्वती देवी के सर पर पत्थर गिरने से चोट लग गई लेकिन मुख्यालय आने के लिए कोई यातायात की सुविधा नहीं होने से और हेलीकॉप्टर की भी सुविधा ना मिलने से इन्हें हीरा सिंह चिराल आदि गांववासी तथा खोज राहत दल के लोग किसी तरह ट्रॉली आदि के सहारे चिकित्सालय मुनस्यारी तक ला पाए।
 खुशाल सिंह बोथ्याल पांव में परसों फ्रैक्चर आ गया था लेकिन वह 2 दिन तक अपने गांव में ही पड़े रहे। शासन-प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं हो सका।
इस दौरान क्षेत्र मे स्थानीय विधायक के साथ ही उप जिलाधिकारी तथा तहसीलदार आदि अधिकारियों ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों का जरूर जायजा लिया।
मुनस्यारी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हीरा सिंह चिराल ने  जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को पत्र लिखकर जल्दी ही आपदाग्रस्त क्षेत्रों के मार्गों को ठीक करने और आपदा प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री तथा सरकारी मदद देने की मांग की है।
श्री चिराल का कहना है कि अभी तक प्रशासन की तरफ से आपदा प्रभावित क्षेत्रों को 18 दिन बाद भी कोई राहत सामग्री और सरकारी मदद नहीं दी गई है।
उत्तराखंड सरकार ने आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कराने के लिए काफी दावे किए हैं लेकिन यह हकीकत आज बहुत ही गांव के खुशाल सिंह बोथ्याल को यह सुविधा न मिलने से बेपर्दा हो गई है। उम्मीद की जा रही है कि शासन-प्रशासन इस तरह की घटनाओं से सबक लेकर पुनरावृति से बचेगा। क्षेत्र में घायल को 108 सेवा तथा हेलीकॉप्टर तक न मिलने से आक्रोश भी है।

Also Read This

बड़ी खबर: सैन्यधाम के मुद्दे पर कांग्रेस मुखर । पूर्व सैनिक विभाग ने उठाए परियोजना की लागत और निर्माण प्रगति पर सवाल

Dehradun News: कांग्रेस ने सैन्यधाम की लागत, खर्च, टेंडर और निर्माण कार्य का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की; स्वतंत्र जांच की भी उठी...

भालुओं का बढ़ता आतंक: सेब बागानों में तबाही, वनकर्मी पर हमला

मसरी-भीतरी-सदना में सेब के पेड़ तोड़कर फसल चौपट, नटीण गांव में वनकर्मी गंभीर घायल पार्क प्रशासन से बागवानों ने मुआवजे और घेरबाड़ की...

Related Posts