सिंचाई विभाग की लापरवाही पर किसानों में आक्रोश

नीरज उत्तराखंडी पुरोला में सिंचाई विभाग की लापरवाही से नहरों की  मरम्मत न होने से किसानों मे भारी रोष व्याप्त है। काश्तकारों द्वारा कई बार विभाग को अवगत कराने के बावजूद भी नहरों की मरम्मत नहीं की गई। जिससे धान की पौधे सूखने की कगार पर है। कोरना, कुमोला, पुजेली एवं पुरोला गावँ के कास्तकारो […]

नीरज उत्तराखंडी

पुरोला में सिंचाई विभाग की लापरवाही से नहरों की  मरम्मत न होने से किसानों मे भारी रोष व्याप्त है। काश्तकारों द्वारा कई बार विभाग को अवगत कराने के बावजूद भी नहरों की मरम्मत नहीं की गई। जिससे धान की पौधे सूखने की कगार पर है। कोरना, कुमोला, पुजेली एवं पुरोला गावँ के कास्तकारो ने उप जिलाधिकारी को पत्र लिख कर अवगत करवाया उपजिलाधिकारी पूरण सिंह राणा ने अधिशासी अभियंता को नहर में पानी चलाने के आदेश भी दिए गए थे लेकिन अभी तक हालात नहीं बदले हैं।विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि कमल नदी के किनारे बिजेन्डी नामे तोक की सिंचाई नहर की मरम्मत न होने से अभी तक धान रोपाई नहीं हो पा रही है जबकि रोपाई का सीजन समाप्ति की ओर है।
कोरना के पूर्व प्रधान मोहन सिंह नेगी एवं नवक्रान्ति के संयोजक गजेंद्र चौहान ने बताया कि बिजेडी नामे तोक स्थित सिंचाई विभाग की नहर कई जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण नहर पर पानी नही चल पा रहा है जिससे कोरना,पुजेली, कुमोला एवं पुरोला गाँव के कास्तकारो की कई हेक्टेयर कृषि भूमि पर रोपाई तो दूर नर्सरी भी सूख रही है। कहा कि इस तोक की मुख्य नहर विभाग की लापरवाही से पहले ही रसूखदार लोगों के अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी है और शाखा नहर से सिंचाई की व्यवस्था चल रही थी वह भी क्षतिग्रस्त है।नवक्रान्ति संगठन का कहना है कि यदि विभाग शीघ्र नहर की मरम्मत नहीं करवाता हैं तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

 

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