जंगल राज पार्ट 1: डीएफओ की विजिलेंस जांच की सिफारिश शासन में दबाई। भड़के एसीएस रणवीर सिंह

कृष्णा बिष्ट   चंपावत के डीएफओ रहे ए के गुप्ता के खिलाफ लीसा ठेकेदार से कमीशन मांगने का खुलासा होने के बाद आई एफ एस संजीव चतुर्वेदी को इस प्रकरण की जांच सौंपी गई थी। संजीव चतुर्वेदी ने 2000पन्नों  की एक जांच रिपोर्ट 2 सप्ताह पहले शासन को सौंप दी लेकिन उत्तराखंड सचिवालय के वन […]

कृष्णा बिष्ट  

चंपावत के डीएफओ रहे ए के गुप्ता के खिलाफ लीसा ठेकेदार से कमीशन मांगने का खुलासा होने के बाद आई एफ एस संजीव चतुर्वेदी को इस प्रकरण की जांच सौंपी गई थी। संजीव चतुर्वेदी ने 2000पन्नों  की एक जांच रिपोर्ट 2 सप्ताह पहले शासन को सौंप दी लेकिन उत्तराखंड सचिवालय के वन अनुभाग-1 ने इस फाइल को अपने अनुभाग में ही दफन कर दिया।जब पर्वतजन संवाददाता ने अपर मुख्य सचिव रणवीर सिंह से IFS संजीव चतुर्वेदी द्वारा की गई जांच के संबंध में पूछताछ की तब जाकर अनुभाग ने यह फाइल अपर मुख्य सचिव वन रणवीर सिंह के सामने रखी।

 डॉ रणवीर सिंह कहते हैं कि वन मुख्यालय से डीएफओ एके गुप्ता को आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। ए के गुप्ता का जवाब का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
 गौरतलब है कि चंपावत के डीएफओ रहे ए के गुप्ता ने बड़े पैमाने पर चीड़ के पेड़ों का अवैध कटान किया था और चीड़ के पेड़ों से छिलका गुलिया का अवैध दोहन बड़े पैमाने पर किया था।
अपने कार्यकाल के दौरान एक के गुप्ता ने किसानों  की नाप भूमि के नाम पर पंचायती और वन भूमि से बड़ी संख्या में चीड़ के पेड़ कटाए और वन प्रभाग में नियुक्तियों में भी भारी घपला किया।
 IFS संजीव चतुर्वेदी ने एक के गुप्ता के पूरे कार्यकाल लगभग 6 साल के कार्यों की जांच की और करोड़ों रुपए का घोटाला पकड़ा।
 संजीव चतुर्वेदी ने शासन से सिफारिश की कि ए के गुप्ता के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करके विजिलेंस जांच की जाए ।2000पन्नों की इस रिपोर्ट को शासन में पहुंचे हुए 2 सप्ताह से भी अधिक का समय हो गया है। किंतु शासन के अधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव वन डॉक्टर रणवीर सिंह को इसकी भनक तक नहीं लगने दी।
 पर्वतजन द्वारा संज्ञान दिलाने पर आनन-फानन में फाइल डॉ रणवीर सिंह तक पहुंचाई गई। ए के गुप्ता ने न सिर्फ करोड़ों रुपए नगद में भुगतान कर रखे हैं बल्कि नर्सरी के पौधों को नुकसान पहुंचाने की भी फर्जी रिपोर्ट तैयार की है।
 लीसा दोहन मे ठेकेदार से कमीशन मांगने का ऑडियो पर्वतजन पहले ही अपने पाठकों को सुना चुका है। संजीव चतुर्वेदी ने लीसा दोहन में भी लगभग 6 करोड रुपए का घोटाला पकड़ा है। तथा क्षेत्राधिकारियों को करोड़ों रुपए के नगद भुगतान में भारी भ्रष्टाचार होना पाया है।
 अब देखना यह है कि जीरो टॉलरेंस की सरकार भ्रष्ट डीएफओ गुप्ता के पर क्या कार्यवाही करती है!
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