देखिए, कार खाई में गिरने के बावजूद कैसे बची दो युवकों की जान     

धनोल्टी से सुनील सजवाण एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय, बाल न बांका कर सके या जग बैरी होय’ ये कहावत सच साबित हुई है कैम्पटी फाल में, जहां कार खाई में गिरने के बावजूद दो लोगों की जान सुुुुरक्षित बच गई। जानकारी के अनुसार पहाड़ों की […]

धनोल्टी से सुनील सजवाण

एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय, बाल न बांका कर सके या जग बैरी होय’ ये कहावत सच साबित हुई है कैम्पटी फाल में, जहां कार खाई में गिरने के बावजूद दो लोगों की जान सुुुुरक्षित बच गई।

जानकारी के अनुसार पहाड़ों की रानी मसूरी से कुछ दूरी पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटक स्थल कैम्पटी फॉल है। मंगलवार को कैम्पटी फॉल के करीब यूके 07 3239 स्विफ्ट डिजायर कार गुजर रही थी कि पहाड़ी से अचानक पत्थर आ गया, जिससे बचने के चक्कर में गाड़ी खाई की तरफ रैलिंग पर टकरा गई। जिससे रैलिंग मजबूत न होने के कारण गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी। इससे गाड़ी अनियंत्रित होने के कारण 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। कारणों में सवार मुकेश उम्र 32 वर्ष पुत्र गज्जू लाल ग्राम बुराड़ी गरखेत व अरविन्द उम्र 20 वर्ष पुत्र स्वर्गीय रमेश ग्राम नौथा को हल्की चोट आई है।
कार चालक मुकेश ने बताया कि यदि विभाग द्वारा मजबूत रैेलिंग लगाई जाती तो शायद गाड़ी सड़क पर ही रुक सकती थी, लेकिन विभाग की घोर लापरवाही के कारण इस प्रकार की घटनायें होती रहती है। कैम्पटी थाने की टीम व स्थानीय लोगों ने इन दोनों युवकों को खाई से बाहर निकालकर उपचार के लिए मसूरी सेंट मेरी अस्पताल में भेजा, जहाँ उनकी हालत में सुधार है।

Also Read This

आरोग्य मंदिर में 4 महीने से वेतन ‘लापता’, सचिवालय तक सवाल: टेंडर कंपनियां बदलती रहीं, कर्मचारियों का पेट कौन भरेगा? 

रिपोर्ट : कार्तिक उपाध्याय / हल्द्वानी हल्द्वानी में कर्मचारियों ने खोली व्यवस्था की परतें—श्रम विभाग से कुमाऊँ कमिश्नर तक गुहार का दावा, फिर भी...

उपलब्धि : लद्दाख की 6,250 मीटर ऊंची कांग यात्से–II पर लहराया शौका समाज का परचम, पहाड़ की बेटी ने रचा गौरवशाली इतिहास

डीडीहाट। 08 अगस्त 2026,नीरज उत्तराखंडी लद्दाख की 6,250 मीटर ऊंची कांग यात्से–II पर लहराया शौका समाज का परचम, पहाड़ की बेटी ने रचा गौरवशाली...

Related Posts