पिथोरागढ मे फटा बादल।पावर प्रोजेक्ट को नुकसान

कमल जगाती, नैनीताल  उत्तराखण्ड के चीन से लगी सीमा में मनसून के दस्तक देते ही बादल फटने की घटना सामने आई है । पिथौरागढ़ जिले के मदकोट के समीप फटे बादल का पानी बाजार और घरों में भी घुस गया । देर रात हुई इस घटना के बाद सेराघाट मे हाइड्रो प्रोजेक्ट को भी भारी […]

कमल जगाती, नैनीताल 
उत्तराखण्ड के चीन से लगी सीमा में मनसून के दस्तक देते ही बादल फटने की घटना सामने आई है ।
पिथौरागढ़ जिले के मदकोट के समीप फटे बादल का पानी बाजार और घरों में भी घुस गया । देर रात हुई इस घटना के बाद सेराघाट मे हाइड्रो प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान हो गया है । रविवार देर रात लगभग सवा बजे हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई । लोगों ने एक दूसरे की मदद कर पानी के बहाव को किसी तरह घरों और दुकानों में घुसने से रोका।
जिलाधिकारी पिथौरागढ़ ने भारी बारिश को देखते हुए धारचूला और मुनस्यारी तहसील में आज सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश दे दिए हैं ।
       पिथौरागढ़ ज़िले के मुनस्यारी तहसील में भारी बारिश से तबाही आ गई है। मुनस्यारी के बलाती गाँव मे बादल फटने से मुनस्यारी की बाजार और घरों में पानी घुस  गया। तेज बहाव के चलते कई रास्ते बह गए । सेराघाट मे हाइड्रो प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान हो गया है । प्रोजेक्ट का डैम भी कुछ जगहों से टूट गया है, जिससे वहां खड़े तीन वाहन सहित सड़क बह गई । देर सवेर तक प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा नही पहुंच पाया था मौके पर। हालांकि दिन तक पिथोरागढ से आपदा राहत की टीम घटनास्थल की तरफ रवाना हो चुकी है।
भयावह है मंजर
 इन तस्वीरों को देखकर आप सहज ही अनुमान लगा सकते हैं कि पिथौरागढ़ जिले में बरसात का क्या मंजर रहा होगा । यहां तेज बरसात और मुनस्यारी के बड़कोट में बदल फटने से नदियां एकाएक उफान पर चढ़ गई । नदियों के तेज बहाव ने सड़कों को भी नीचे से काट दिया जिससे सड़क भूस्खलन की भेंट चढ़ गई ।

पिथौरागढ़ जिले के रातीगाड़ (नाचनी गांव) के पास लोक निर्माण विभाग की पूरी रोड ध्वस्त हो गई है । इस मार्ग के ध्वस्त होने के बाद यहाँ किसी भी तरह की आवाजाही बिल्कुल ठप करवा दी गई है । ये नजारा ठीक सन 2013 की तरह ही बनने लगा है । तब भी इस क्षेत्र की नदियां उफान पर बह रही थी और सड़कें ऐसे ही कटते जा रही थी।
कई जगह नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी । ये मार्ग थल से मुनस्यारी को जोड़ने वाला है, जहां बीच में रातिगाड गांव पड़ता है । यहां के गांवों में रहने वाले परिवारों को अभी तक तो कोई खतरा नहीं है लेकिन अगर बरसात और उफनती नदी का यही आलम रहा तो इन्हें भी खतरा हो सकता है ।

Also Read This

मौसम ब्रेकिंग : अगले 48 घंटे में भारी बारिश का खतरा, दून समेत कई जिलों में अलर्ट 

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में 9 और 10 अगस्त...

एक्शन : नंदा की चौकी पुल एप्रोच रोड मामले में हिमालयन कंस्ट्रक्शन का पंजीकरण निलबिंत

देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी के पास टौंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में लोक निर्माण...

Related Posts