राहत किट घोटाले मे मंत्री जी ! डीएम विधायक ने वितरण रोका, जांच शुरू

राहत बचाव किट में घोटाले की महक। शासन और सरकार से जुड़े घोटाले के तार गिरीश गैरोला ग्राम सभाओं मे प्रधानों पर दबाव जलवा कर लागत से कई गुना अधिक दर से खरीदवाई गई आपदा किट के पीछे इस बात की चर्चा है कि यह उत्तराखंड सरकार में एक चर्चित कैबिनेट मंत्री की करीबी कंपनी […]

राहत बचाव किट में घोटाले की महक। शासन और सरकार से जुड़े घोटाले के तार

गिरीश गैरोला

ग्राम सभाओं मे प्रधानों पर दबाव जलवा कर लागत से कई गुना अधिक दर से खरीदवाई गई आपदा किट के पीछे इस बात की चर्चा है कि यह उत्तराखंड सरकार में एक चर्चित कैबिनेट मंत्री की करीबी कंपनी से खरीदी गई है और इस घोटाले में मंत्री जी की भी संलिप्तता है। अब यह किस प्रकार की संलिप्तता है यह तो जिलाधिकारी की जांच के बाद ही पता चलेगी किंतु उत्तरकाशी मे विधायक गोपाल रावत के हस्तक्षेप तथा जिलाधिकारी द्वारा किट के वितरण पर रोक लगा कर जांच बिठाए जाने से यह जरूर साबित हो गया है कि इसमें कुछ बड़ा घोटाला जरूर है।

आपदा किट के नाम पर सूबे की 8556 ग्राम सभाओं से 20 हजार दो सौ रु निकलवाकर करीब साढ़े 12 करोड़ का नया घोटाला सामने आया है। आपदा के दौरान राहत और बचाव के लिए जिस किट को खरीदने के लिए ग्राम प्रधानों पर ऊपर से दबाव बनाया जा रहा है, उससे इसमें  एक नए घोटाले की महक आने लगी है।
ग्राम  प्रधान अनिल रावत ने बताया कि पिछले महीने प्रदेश की हर ग्राम सभा के लिए रुद्रपुर की एक फर्म द्वारा आपदा किट भेजे गए थे, जिसमें हर किट में एक बेलचा, एक सब्बल, एक कंबल, एक स्ट्रेचर, एक टोर्च, एक रस्सी और एक वाटर फिल्टर शामिल है।

ग्राम पंचायत अधिकारी के माध्यम से ग्राम प्रधानों को इसे लेकर 20 हजार दो सौ रु ग्राम सभा के खाते से जबरन भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। जबकि बाजार में इस कीट की कीमत महज 6 हजार के करीब है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर ग्राम प्राधन भोले हैं और अपने अधिकारों के प्रति उतने सजग नही है। किन्तु कुछ  सजग प्रधानों ने उसे लेने से इनकार किया तो ऊपर से दबाव बनाया जा रहा है। प्रधानों की माने तो ग्राम सभा के खाते से इतनी बड़ी रकम निकल जाने के बाद उन्हें अन्य खर्चो में दिक्कत पेश आ सकती है।


प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष गिरवीर परमार ने आरोप लगाया कि इसमें बड़े लेवल पर अपनी चहेती फ़र्म को ठेका दिलाकर ग्राम प्रधानों को इसे जबरन खरीदने कक मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहाड़ोंं में आपदा के दौरान प्रदेश भर की ग्राम सभाओं ने फर्स्ट रेस्पांडर की भूमिका निभाते हुए अब तक अपने ही संसाधनों से घायलों को खोज और बचाव कार्य किया है। इसके अलावा ग्राम सभा के कार्यो के लिए सब्बल औए बेलचे पहले से ही ग्राम सभा के पास मौजूद है। किट में मौजूद रस्सी यदि पर्वतारोहण में उपयोग होने वाली होती तो भी कुछ राहत की बात होती किन्तु किट में मौजूद सभी सामान हलकी गुणवत्ता का है ,जिसे महज अपने खास को फायदा पहुंचाने के लिए अपनाया गया है।

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