वीडियो : मरकज जमात से उत्तराखंड पहुंचे लोगों को रात मे कराया हास्पीटलाइज। बढी उत्तराखंड की चिंता

कमल जगाती, नैनीताल   दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज जमात में शामिल होकर जमातियों के उत्तराखंड लौटने पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। दिल्ली के निजामुद्दीन की तबलीग जमात के लोगों के साथ संपर्क में रहे नैनीताल के आठ लोगों के नामों की लिस्ट जारी होने से हड़कंप है। बताया जा रहा है कि […]

कमल जगाती, नैनीताल
  दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज जमात में शामिल होकर जमातियों के उत्तराखंड लौटने पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
दिल्ली के निजामुद्दीन की तबलीग जमात के लोगों के साथ संपर्क में रहे नैनीताल के आठ लोगों के नामों की लिस्ट जारी होने से हड़कंप है।
बताया जा रहा है कि रुड़की के भगवानुपर व मंगलौर इलाके से आठ लोग जमात में शामिल होकर लौटे हैं। इसी तरह देहरादून में करीब एक दर्जन लोगों के आने की खबर है।
देखिए वीडियो

https://youtu.be/iw0LtD7ILhc

रुड़की क्षेत्र में इन लोगों को पुलिस ने काफी ढूंढने के बाद खोज निकाला और सभी की जांच की गई। हालांकि कोरोना के लक्षण न मिलने पर उन्हें होम कोरंटाइन किया गया है।

डीआईजी अरुण मोहन जोशी के अनुसार उनके पास ऐसी सभी लोगों की सूची है, जो जमात में शामिल होकर लौटे हैं। इन लोगों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन-किन लोगों के संपर्क में ये आए हैं।
मल्लीताल क्षेत्र से मो.वसीम, नईम मैकेनिक और हामिद अली के नाम, तल्लीताल बूचड़खाने से मो.बसी, सानिब और महबूब, तल्लीताल के हरिनगर क्षेत्र से शाहनवाज का नाम, मॉलरोड निवासी मो.जुहैब, राशिद, काशिफ, और दिलशाद के नाम 31 मार्च को जारी लिस्ट में शामिल हुए हैं । ये लिस्ट उन लोगों की बनाई गई है जिसके संपर्क में निजामुद्दीन की तबलीग में शामिल लोग आए थे यानी इनकी कॉन्टेक्ट हिस्ट्री है।
     मल्लिताल क्षेत्र में दिल्ली के निजामुद्दीन मामले के गर्माने के बाद इन लोगों की मौजूदगी से सनसनी। क्षेत्रवासियों ने पुलिस को उनके होने की जानकारी दी। पुलिस, गोपनीय विभाग और प्रशासन के साथ डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और परिवार को अस्पताल ले गई । नैनीताल समेत उत्तराखण्ड में कुल 34 ऐसे संपर्क इतिहास वालों को पुलिस ने चिन्हित किया है।
सवाल यह है कि लॉकडाउन में जब प्रदेश की सीमाएं सील हैं, तो ये लोग अपने-अपने घरों तक कैसे और किसकी शह पर पहुंचे? सवाल यह भी है कि क्या इन लोगों को इतनी भयावह आपदा का अंदाजा नहीं है।
बताते चलें कि उक्त जमात में शामिल कई कजाकिस्तान व अन्य देशों के लोग भी शामिल हुए थे। जमात से लौटे के बाद कश्मीर के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसके बाद जांच रिपोर्ट में जब कोरोना की पुष्टि हुई तो कश्मीर से लेकर दिल्ली तक प्रशासन में हड़कंप मच गया। उन्हें दिल्ली से आज भी विभिन्न इलाकों के लिए छोड़ा गया। लॉकडाउन के बावजूद ऐसे धार्मिक गतिविधियां संचालन करने से आयोजन की देशभर में जमकर आलोचना हो रही है।
इनसे संक्रमण चारों तरफ फैलने का शक जाहिर किया जा रहा है । निजामुद्दीन की तबलीग जमात में शामिल 2500 लोगों की अब सरगर्मी से तलाश की जा रही है । पुलिस ने निजामुद्दीन जमात से आए लोगों के संपर्क में आए इन कुछ लोगों के परिवारों को रात में ही उठाकर अस्पताल में चैक आप के लिए भर्ती कराया है।
बहरहाल, प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है कि ये लोग किन-किन लोगों के संपर्क में आए। अब देखना यह होगा कि गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस क्या कार्यवाही करती है?

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