एसजीआरआर विश्वविद्यालय में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित। स्टार्टअप्स को लेकर छात्रों में दिखा उत्साह

देहरादून। एसजीआरआर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स स्टडीज़ द्वारा राष्ट्रीय लघु उद्योग और उद्यमिता विकास संस्थान (NIESBUD) के सहयोग से उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भारत में तेजी से विकसित हो रहे उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र और स्टार्टअप्स के अवसरों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम […]

देहरादून। एसजीआरआर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स स्टडीज़ द्वारा राष्ट्रीय लघु उद्योग और उद्यमिता विकास संस्थान (NIESBUD) के सहयोग से उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भारत में तेजी से विकसित हो रहे उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र और स्टार्टअप्स के अवसरों से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत एक संवादात्मक सत्र से हुई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के चार सफल उद्यमियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने अपने-अपने स्टार्टअप सफर, चुनौतियों और सीखे गए जीवन अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को नवाचार, आत्मविश्वास और perseverance (दृढ़ता) की गहराई से समझ दी।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद सकलनी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि,

“इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे।”

कार्यक्रम में नीसबड के मुख्य सलाहकार श्री वीरेंद्र सिंह सजवाण ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना और कौशल विकास कार्यक्रम जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि कैसे ये योजनाएं नवोदित उद्यमियों के लिए मार्गदर्शक बन सकती हैं।

नीसबड से जुड़े युवा उद्यमी आयुष बिष्ट ने छात्रों को अनेक उद्यमिता उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि सही सोच और दिशा के साथ कोई भी अपना स्टार्टअप शुरू कर सकता है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर, आईआईसी डायरेक्टर प्रो. द्वारिका प्रसाद मैठाणी, स्कूल की डीन प्रो. सोनिया गंभीर, प्रो. विपुल जैन, डा. सुचिता गेरा, और नीसबड की ओर से डॉ. बिन्नो भदौरिया, अदिति एवं बीएस सुरजीत भी उपस्थित रहे।

यह कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ, जिसने उनमें नवाचार और उद्यमिता को लेकर एक नई ऊर्जा का संचार किया और उन्हें करियर के नए विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया।

Also Read This

ब्रेकिंग: इस IPS अफसर को बनाया WCCB में उप निदेशक

देहरादून। 22 अगस्त, नीरज उत्तराखंडी  उत्तराखंड कैडर के वर्ष 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रहलाद नारायण मीणा को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) में उप...

ब्रेकिंग: पूर्व IAS बने उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त

देहरादून: उत्तराखंड प्रशासनिक सेवा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व आईएएस अधिकारी दीपेंद्र चौधरी को उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग का आयुक्त...

Related Posts