Uttarakhand News: चारधाम यात्रा से पहले यमुनोत्री हाईवे की हालत बदहाल। रानाचट्टी–जानकीचट्टी मार्ग पर खतरे के संकेत

बड़कोट, 15 अप्रैल 2026। नीरज उत्तराखंडी 
चारधाम यात्रा शुरू होने में अब महज चार दिन शेष हैं, लेकिन यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी से जानकीचट्टी-खरसाली तक सड़क की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

धंसती सड़कें, सक्रिय भूस्खलन जोन और जगह-जगह फैला मलबा यात्रियों व स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

बरसात के दौरान हुए भूस्खलन का मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर अभी तक सड़क से नहीं हटाए गए हैं। कई स्थानों पर पेड़ भी सड़क पर गिरे हुए हैं, जिससे मार्ग बाधित बना हुआ है।

ऐसे में चारधाम यात्रा के दौरान इस 15 किलोमीटर के संवेदनशील क्षेत्र में आवागमन बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

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चौड़ीकरण कार्य भी बना परेशानी

एक ओर जहां सड़क चौड़ीकरण का कार्य जारी है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर भी अव्यवस्था सामने आ रही है। सड़क पर अनियोजित ढंग से बिछाए जा रहे पत्थरों के कारण छोटे चौपहिया वाहन बीच रास्ते में फंस रहे हैं। बनास क्षेत्र के पास तो हालात ऐसे हैं कि हल्के वाहन निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

स्थानीय निवासी जयेंद्र तोमर और विजय पंवार का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो यात्रा सीजन में जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बन सकती है।

पिछले साल भी रही थी भयावह स्थिति

गत वर्ष मानसून सीजन में बाड़िया क्षेत्र में भू-धंसाव और हनुमानचट्टी, नारदचट्टी व जंगलचट्टी में भारी भूस्खलन के कारण यमुनोत्री हाईवे कई दिनों तक बंद रहा था। फूलचट्टी में करीब 150 मीटर सड़क का हिस्सा यमुना नदी में समा गया था, जिससे फूलचट्टी-खरसाली मोटर मार्ग पर भी खतरा मंडरा रहा है।

खरसाली मार्ग की हालत भी खराब

यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली को जोड़ने वाला करीब दो किलोमीटर लंबा फूलचट्टी मोटर मार्ग आज तक डामरीकरण का इंतजार कर रहा है।

बदहाल सड़क के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अधिकांश यात्री फूलचट्टी से पहले खरसाली का रुख करते हैं, जिससे इस मार्ग का महत्व और बढ़ जाता है।

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मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव

रानाचट्टी से खरसाली तक कहीं भी शौचालय की व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि खरसाली के हेलिपैड क्षेत्र के आसपास भी शौचालय नहीं बनाए गए हैं। यात्रा सीजन में हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच यह एक बड़ी समस्या बन सकती है।

बरसात में बढ़ेगा खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क से मलबा, बोल्डर और गिरे पेड़ों को नहीं हटाया गया, तो बरसात के दौरान यह बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है।

प्रशासन की तैयारी पर सवाल

चारधाम यात्रा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन से ठीक पहले सड़क की ऐसी हालत प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं किए गए, तो यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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