हाईकोर्ट: फिर वसूला जाएगा टोल, 11 साल बाद लौटी चुंगी

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के निर्देशों के कुछ ही घंटे के भीतर नगर पालिका ने बारह पत्थर और फांसी गधेरे(रॉक हाउस)में, नगर प्रवेश चुंगी स्थापित कर दी है। पालिका ने 11 वर्ष पहले न्यायालय के आदेश पर बन्द हुई चुंगी को नियमानुसार शुरू किया। पर्यटकों की गाड़ियों से ₹110/= का शुल्क लिया जा […]

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के निर्देशों के कुछ ही घंटे के भीतर नगर पालिका ने बारह पत्थर और फांसी गधेरे(रॉक हाउस)में, नगर प्रवेश चुंगी स्थापित कर दी है। पालिका ने 11 वर्ष पहले न्यायालय के आदेश पर बन्द हुई चुंगी को नियमानुसार शुरू किया। पर्यटकों की गाड़ियों से ₹110/= का शुल्क लिया जा रहा है।
नैनीताल के बारह पत्थर में बनाई गई चुंगी 11 वर्ष बाद दोबारा संचालित हो गई है। आज उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पालिका ने बन्द पड़ी चुंगी से टोल लेना शुरू कर दिया है। इससे पालिका की आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
नैनीताल की ट्रैफिक समस्या को सुधारने संबंधी एक जनहित याचिका में नैनीताल नगर पालिका ने न्यायालय से रॉक हाउस(फांसी गधेरा)और बारह पत्थर की चुंगीयों को दोबारा अस्तित्व में लाने की प्रार्थना की थी। ये चुंगीयां इसी न्यायालय के आदेश से वर्ष 2014 में हटाई गई थी। आज हुई सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने 11 वर्ष बाद बारह पत्थर और तल्लीताल के फांसी गधेरे में बनाई गई प्रवेश चुंगी को दोबारा स्थापित करने की अनुमाती दे दी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद नगर पालिका ने तत्काल अपने कर्मचारी लगाकर टोल लेना शुरू कर दिया। हालांकि अभी इस चुंगी से पुराने दर के हिसाब से ₹110/- का शुल्क वसूला जा रहा है।

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