Uttarakhand News: युवा मनोज कोठियाल ने राज्यपाल को भेजा 4 पेज का सुझाव पत्र, आप भी पढ़िए ..

देहरादून। उत्तराखंड में पंचायत चुनाव प्रणाली को लेकर एक बड़ी पहल करते हुए युवा मनोज कोठियाल ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य चुनाव आयुक्त को 4 पेज का विस्तृत पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को सीधे जनता के वोट से कराने की मांग की है, ताकि धनबल, […]

देहरादून। उत्तराखंड में पंचायत चुनाव प्रणाली को लेकर एक बड़ी पहल करते हुए युवा मनोज कोठियाल ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य चुनाव आयुक्त को 4 पेज का विस्तृत पत्र भेजा है।

पत्र में उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को सीधे जनता के वोट से कराने की मांग की है, ताकि धनबल, खरीद-फरोख्त और राजनीतिक सौदेबाज़ी पर रोक लगाई जा सके।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के साथ हों अध्यक्षों के चुनाव

मनोज कोठियाल ने सुझाव दिया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी सीधे जनता द्वारा किया जाए। इससे समय, धन और सरकारी खर्चों की बचत होगी और साथ ही पारदर्शिता बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रणाली में चुने गए प्रतिनिधियों के बीच जोड़-तोड़, सांठगांठ और धनबल का खेल आम बात हो गया है, जिससे लोकतंत्र की आत्मा को आघात पहुंच रहा है।

आपदा में नेताओं की राजनीति पर सवाल

पत्र में मनोज ने उल्लेख किया कि धराली आपदा के दौरान जनता एकजुटता की उम्मीद कर रही थी, लेकिन कई निर्वाचित प्रतिनिधि खरीद-फरोख्त और सत्ता की राजनीति में उलझे रहे। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में हमें ऐसी व्यवस्था चाहिए जहाँ जनता का विश्वास विजयी हो, न कि धनबल।

नैनीताल गोलीकांड और न्यायालय का संज्ञान

मनोज कोठियाल ने नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान हुई गोलीकांड की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाली स्थिति है।

इस प्रकरण पर माननीय उच्च न्यायालय ने भी स्वतः संज्ञान लिया और प्रदेश के गृह सचिव, डीजीपी तथा उधमसिंह नगर के एसएसपी से जवाब मांगा। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में “गन कल्चर” और “कट्टा संस्कृति” किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए घातक साबित होगी।

लोकतंत्र की रीढ़ पंचायतें, जरूरी है पारदर्शिता

युवा कोठियाल ने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की रीढ़ हैं। यदि इन्हीं में पारदर्शिता पर सवाल खड़े होंगे तो जनता का विश्वास टूटेगा। उन्होंने राज्यपाल से निवेदन किया कि वे सरकार को चुनाव प्रणाली में आवश्यक सुधार लागू करने का निर्देश दें ताकि जनता की सीधी भागीदारी और मत की पवित्रता सुनिश्चित हो सके।

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

मनोज के इस पत्र को राजनीतिक हलकों में गंभीरता से देखा जा रहा है। विपक्षी दल पहले ही विधानसभा मानसून सत्र में पंचायत चुनावों में हुई अनियमितताओं और गोलीकांड का मुद्दा उठा चुके हैं। वहीं न्यायालय के हस्तक्षेप से सरकार पर भी दबाव बढ़ गया है कि वह इस व्यवस्था में ठोस सुधार लाए।

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