Uttarakhand News: पुलिस के हाथ लगी प्रतिबंधित काजल-कांठ की लकड़ी की बड़ी खेप। दो तस्कर गिरफ्तार

उत्तरकाशी, 8 अक्टूबर 2025। नीरज उत्तराखंडी  डुण्डा पुलिस ने तड़के सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित काजल-कांठ की लकड़ी की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने वाहन से कुल 597 नग प्रतिबंधित लकड़ी बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार […]

उत्तरकाशी, 8 अक्टूबर 2025। नीरज उत्तराखंडी 

डुण्डा पुलिस ने तड़के सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित काजल-कांठ की लकड़ी की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को धर दबोचा।

पुलिस ने वाहन से कुल 597 नग प्रतिबंधित लकड़ी बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार की देखरेख में की गई।

जानकारी के अनुसार, चौकी डुण्डा प्रभारी उपनिरीक्षक प्रकाश राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुबह करीब 6:30 बजे डुण्डा बैरियर पर चेकिंग अभियान चलाया।

इसी दौरान वाहन संख्या UK10C 1427 (यूटिलिटी) को रोककर जांच की गई। वाहन में भारी मात्रा में प्रतिबंधित काजल-कांठ की लकड़ी भरी मिली।

पुलिस ने वाहन सवार गोपाल बोहरा और चालक विजय को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी गंगोरी-अगोडा क्षेत्र के जंगलों से लकड़ी इकट्ठा कर उसे देहरादून या सहारनपुर ले जाने की फिराक में थे।

मामले में आगे की कार्रवाई हेतु पुलिस ने दोनों आरोपियों को प्रतिबंधित लकड़ी के साथ वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है।

बरामदगी का विवरण:

  • लकड़ी के नग: 597
  • वाहन संख्या: UK10C 1427 (यूटिलिटी)
  • स्थान: डुण्डा बैरियर, उत्तरकाशी

 तस्करों का विवरण:

  1. गोपाल बोहरा, पुत्र चन्द्र सिंह बोहरा, निवासी ग्राम डोली, थाना कंचनपुर, जिला कंचनपुर (महाकाली, नेपाल) — हाल निवास मोजांग, त्यूणी, देहरादून, उम्र 39 वर्ष।
  2. विजय, पुत्र प्रेमलाल, निवासी नाल्ड, गंगोरी भटवाड़ी, उत्तरकाशी — वाहन चालक, उम्र 35 वर्ष।

पुलिस टीम:

उपनिरीक्षक प्रकाश राणा, प्रभारी चौकी डुण्डा,कांस्टेबल राजेंद्र गोस्वामी,कांस्टेबल अनिल नौटियाल,पीआरडी कृति

 काजल-कांठ की लकड़ी क्यों है प्रतिबंधित?

काजल-कांठ की लकड़ी उच्च हिमालय के आरक्षित वन क्षेत्रों में पाई जाती है और औषधीय दृष्टि से अत्यंत मूल्यवान मानी जाती है। बौद्ध समुदाय इस लकड़ी से बर्तन (बाउल) बनाकर खाद्य और पेय पदार्थों के लिए उपयोग करते हैं। भारत, नेपाल, चीन और तिब्बत जैसे देशों में इसकी अवैध तस्करी होती है और इसे ऊंचे दामों पर बेचा जाता है।

Also Read This

बड़ी खबर: सृष्टि कंडारी मौत मामले में सीएम धामी का एक्शन। CBCID जांच के दिए आदेश

देहरादून। उत्तराखंड की सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले...

भीषण आग: प्रसिद्ध तमंग मोमोज रेस्टोरेंट जलकर खाक । सिलेंडर फटने से मचा हड़कंप

नैनीताल। कमल जगाती उत्तराखंड के पर्यटन नगरी नैनीताल में शुक्रवार तड़के एक बड़ा अग्निकांड हो गया। मां नयना देवी मंदिर के समीप स्थित न्यू पालिका...

Related Posts