Uttarakhand VIP Number: VIP नंबरों से परिवहन विभाग की चांदी। लाखों में लगी बोली

राजधानी देहरादून में वाहनों के वीआईपी नंबरों का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। परिवहन विभाग को इस बार नंबर प्लेट नीलामी से बड़ी कमाई हुई है। देहरादून संभाग में 29 वीआईपी नंबरों की नीलामी की गई, जिसमें इस बार सबसे ज्यादा बोली ‘0007’ नंबर के लिए लगी। इस नंबर की बोली 7 लाख रुपये […]

राजधानी देहरादून में वाहनों के वीआईपी नंबरों का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। परिवहन विभाग को इस बार नंबर प्लेट नीलामी से बड़ी कमाई हुई है।

देहरादून संभाग में 29 वीआईपी नंबरों की नीलामी की गई, जिसमें इस बार सबसे ज्यादा बोली ‘0007’ नंबर के लिए लगी। इस नंबर की बोली 7 लाख रुपये तक पहुंच गई, जो कि निर्धारित ड्राफ्ट राशि से 28 गुना अधिक है।

0007 नंबर बना सबसे महंगा वीआईपी नंबर

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एचई और एचएफ श्रेणी के 29 विशेष नंबरों पर नीलामी हुई। इनमें 0007 नंबर पर सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा देखी गई। इस नंबर की ड्राफ्ट राशि मात्र 25 हजार रुपये थी, लेकिन अंतिम बोली 7 लाख रुपये पर बंद हुई। यानी इस बार “007” नंबर ने “जेम्स बॉन्ड” के अंदाज में बाकी सभी नंबरों को पीछे छोड़ दिया।

0005 और 0001 नंबरों पर भी लगी ऊंची बोली

दूसरे स्थान पर 0005 नंबर रहा, जिस पर 6.73 लाख रुपये की बोली लगी। इस नंबर के लिए आठ वाहन मालिकों ने प्रतिस्पर्धा की। वहीं, 0001 नंबर, जो आमतौर पर सबसे पसंदीदा माना जाता है, इस बार तीसरे स्थान पर रहा। इस नंबर के लिए केवल दो लोगों ने बोली लगाई और अंतिम कीमत 2.5 लाख रुपये तय हुई। दिलचस्प बात यह है कि 0001 की ड्राफ्ट राशि 1 लाख रुपये थी, जो सभी नंबरों में सबसे अधिक थी।

सोमवार तक जमा करनी होगी बोली राशि

परिवहन विभाग ने बताया कि जिन वाहन मालिकों ने बोली जीती है, उन्हें सोमवार तक अपनी पूरी राशि जमा करनी होगी। यदि निर्धारित समय तक भुगतान नहीं किया गया तो उनकी बोली स्वतः रद्द कर दी जाएगी।

एआरटीओ प्रशासन ने कहा,

“देहरादून में वीआईपी नंबरों को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है। इस बार भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने नीलामी में हिस्सा लिया। जिनकी बोली स्वीकृत हुई है, उन्हें समय पर भुगतान सुनिश्चित करना होगा।”

क्यों है देहरादून में वीआईपी नंबरों का क्रेज?

देहरादून में खास नंबर प्लेटों का आकर्षण हमेशा से बना हुआ है। वाहन मालिक इन अंकों को प्रतिष्ठा और स्टाइल से जोड़कर देखते हैं। यही वजह है कि ‘0007’, ‘0005’ और ‘0001’ जैसे नंबरों के लिए लोग बड़ी रकम खर्च करने से पीछे नहीं हटते।

Also Read This

दुःखद – हेली सेवा की व्यवस्था से पहले ही दम तोड़ गई अमिना, नवजात की भी मौत; मां और बेटे की मौत से सीमांत...

मोरी/उत्तरकाशी, 21 अगस्त।नीरज उत्तराखंडी मोरी विकासखंड के सीमांत क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गंगाड़ निवासी शंकर दास उर्फ बब्लू दास की पत्नी...

बड़ी खबर : सात जिलों में येलो अलर्ट, तेज बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी

उत्तरकाशी समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे मौसम रहेगा खराब, पुरोला-बड़कोट-गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र भी अलर्ट परउत्तरकाशी, 21 अगस्त 2026।नीरज उत्तराखंडी उत्तराखंड में...

Related Posts