थाने की गंदगी पर बिफरे डीआईजी

एक सप्ताह में थाने  चकाचक करने के निर्देश। पुलिस कर्मियों को आठ घंटे डयूटी पर पीएचक्यू स्तर पर चल रहा मंथन गिरीश गैरोला/उत्तरकाशी अपने उत्तरकाशी भ्रमण के दौरान डीआईजी पुष्पक ज्योति ने एसपी उत्तरकाशी ददन पाल औए सीओ मनोज ठाकुर के साथ थाना, चौकी ,पुलिस लाइन के साथ यहाँ के लॉकअप, शौचालय, और बैरक का भी […]

एक सप्ताह में थाने  चकाचक करने के निर्देश। पुलिस कर्मियों को आठ घंटे डयूटी पर पीएचक्यू स्तर पर चल रहा मंथन

गिरीश गैरोला/उत्तरकाशी
अपने उत्तरकाशी भ्रमण के दौरान डीआईजी पुष्पक ज्योति ने एसपी उत्तरकाशी ददन पाल औए सीओ मनोज ठाकुर के साथ थाना, चौकी ,पुलिस लाइन के साथ यहाँ के लॉकअप, शौचालय, और बैरक का भी निरिक्षण किया। पत्रकार वार्ता में डीआईजी ने गंदगी दूर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया और पुलिस कर्मियों को आठ घंटे की ड्यूटी वाले फरमान पर शासन स्तर पर मंथन चलने की बात कही।
उत्तरकाशी भ्रमण के दौरान डीआईजी पुष्पक ज्योति ने भारत सरकार के स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाने पर पुलिस अधिकारियों की जमकर क्लास ली। थाना कोतवाली में बाहरी चमक और अंदर फैली गंदगी पर नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में इसे दुरस्त करने के निर्देश दिए।  भृमण के दौरान शौचालय में गंदगी और कमरों की दीवारों पर जाले लगे हुए थे।
डीआईजी ने कहा कि जिस वातावरण में हम लोग रहते है वही हमारी कार्यशैली और व्यवहार  में भी झलकता है।
पुलिस जवानों को संबोधित करते हुए डीआईजी ने मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क हादसों में पुलिस तो त्वरित कार्यवाही के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर यात्री की जान कीमती है।
जनता के बीच पुलिसकी छवि कैसी हो इसके लिए उन्होंने  ब्रिटेन के प्रशिद्ध स्लोगन का जिक्र किया । उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में एक स्लोगन है कि बॉबी इज मॉइ फ्रेंड। बॉबी और कोई नही चौराहे पर खड़ा पुलिस का जवान है और वहां लोग उसपर विश्वास करते है और वो भी हर कदम लोगो की मदद के लिए तैयार रहता है।
अपने प्रदेश की पुलिस को बॉबी जैसा स्लोगन कब तक मिले इस संबंध में हाई कोर्ट के निर्णय,  जिसमे पुलिस कर्मी को केवस्ल आठ घंटे की ड्यूटी करने की बात कही गयी थी,  पर कब अनुपालन होगा इस पर डीआईजी ने कहा कि ये पॉलिसी मैटर है और पीएचक्यू स्तर पर इसमें  मंथन चल रहा है। गौरतलब है कि पुलिस का जवान 24 घंटे डयूटी पर माना जाता है। कोई भी घटना होने पर खाना और सोना छोड़कर फील्ड में जाना होता है। यदि कोर्ट के निर्णय पर अमल हुआ तो आठ घंटे डयूटी के हिसाब से 24 घंटे डयूटी के लिए तीन  गुना फोर्स की जरूरत पड़ेगी, और वो फ़ोर्स कहा से आएगी ? इस पर भी मंथन जरूरी है । वही लगातार डयूटी और समय पर परिजनों के बीच  जाने के लिए छुट्टी न मिलने पर पुलिस के जवानो में पनप रहा तनाव उनकी कार्य कार्य क्षमता पर भी विपरीत  प्रभाव डाल रहा है।
इसके अलावा डीआईजी ने चार धाम यात्रा मार्ग पर पर्यटन पुलिस , हिल पेट्रोल यूनिट और एसडीआरएफ के कार्यों की भी सराहना की

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