पीएम के योग से पहले ही सरकार का शीर्षासन। भीड़ जुटाने में छूट रहे पसीने!

कुमार दुष्यंत/हरिद्वार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 21 जून को योग करने से पहले ही राज्य सरकार पसीना-पसीना हुई जा रही है। सरकार के साथ-साथ संगठन व पूरी सरकारी मशीनरी मोदी जी के सम्मुख भीड जुटाने के लिए इन दिनों शीर्षासन कर रही है। दिल्ली,चंडीगढ व लखनऊ के बाद पीएम के योग कार्यक्रम के लिए […]

कुमार दुष्यंत/हरिद्वार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 21 जून को योग करने से पहले ही राज्य सरकार पसीना-पसीना हुई जा रही है। सरकार के साथ-साथ संगठन व पूरी सरकारी मशीनरी मोदी जी के सम्मुख भीड जुटाने के लिए इन दिनों शीर्षासन कर रही है।
दिल्ली,चंडीगढ व लखनऊ के बाद पीएम के योग कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड का चयन राज्य के लिए गौरव की बात है।लेकिन पीएम की कसौटी पर खरा उतारने के लिए फिलहाल शासन-प्रशासन को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं।हालांकि दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ में योग दिवस के मौके पर पीएम के साथ जुटी लाखों की भीड के सापेक्ष उत्तराखंड में भीड का लक्ष्य महज पचास हजार रखा गया है।लेकिन छोटा राज्य व विषम भोगौलिक परिस्थियां होने के कारण यहां ये आंकडा जुटाने में ही शासन-प्रशासन के छक्के छूट रहे हैं।एफआरआई के मैदान की क्षमता लाखों लोगों की है।ऐसे में सरकार को डर सता रहा है कि कहीं कम भीड  प्रधानमंत्री का जायका न खराब कर दे।राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यदि ऐसा हुआ तो इसका असर सूबे के मुखिया की कुर्सी तक भी जा सकता है। नतीजतन पीएम के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भीड जुटाने के लिए इन दिनों शासन-प्रशासन व भाजपा व उसके सभी अनुषांगिक संगठनों ने दिन रात एक कर रखा है।


पीएम के कार्यक्रम में भीड जुटाने का प्रमुख दायित्व हरिद्वार व देहरादून जनपदों पर ही रखा गया है।हरिद्वार को योग दिवस कार्यक्रम के लिए बीस हजार की भीड जुटाने का लक्ष्य दिया गया है।जबकि देहरादून से भी इतने ही लोगों को जुटाने का टारगेट है।क्योंकि जनभागीदारी ‘स्वैच्छिक’ है। इसलिए शासन-प्रशासन, संगठन, स्कूलों, अर्धसैनिक बलों, योग- शिक्षाा  एवं प्रचार में जुटी संस्थाओं आदि के सहभाग से सरकार भीड के आंकड़े को पूरा करने में जुटी है।

भाजपा इसके लिए सभी जिलों में  ‘वाक फार योगा’ का आयोजन कर रही है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज हरिद्वार से लोगों को जोडने के लिए अलग से प्रचार अभियान पर हैं।कार्यक्रम के प्रभारी मुख्य सचिव भीड के लिए हरिद्वार में अधिकारियों की अलग से बैठकें ले रहे हैं। हालांकि इस पूरी तैयारी के पीछे आम लोगों को स्वास्थय व योग के प्रति जागरुक करना बताया जा रहा है।लेकिन क्योंकि यह सारी कवायद प्रधानमंत्री का कार्यक्रम तय होने के बाद शुरु हुई हैं।इसलिए माना यही जा रहा है कि पीएम के कद के अनुरुप कार्यक्रम में भीड जुटाना ही फिलवक्त शासन-प्रशासन व संगठन के लिए पहली प्राथमिकता बना हुआ है।

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