उत्तराखंड में 31तक लाॅकडाउन। जरूरी सामान पर रोक नही

अनुज नेगी देहरादून।कोरोना महामारी आपदा से उत्तराखंड में 31मार्च तक लॉक डाउन हो गया है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि है कोरोना के खिलाफ आज केे राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि पूरे राज्य में 31 मार्च तक  इस कर्फ्यू को बढ़ा दिया जाएगा। लाॅक डाउन पर […]

अनुज नेगी
देहरादून।कोरोना महामारी आपदा से उत्तराखंड में 31मार्च तक लॉक डाउन हो गया है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि है कोरोना के खिलाफ आज केे राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि पूरे राज्य में 31 मार्च तक  इस कर्फ्यू को बढ़ा दिया जाएगा।

लाॅक डाउन पर सीएम का बयान 

https://youtu.be/54KxnrAE7bM

 

पूरे देश मे 75 जिलों को लायक डाउन किया गया है।

हालांकि मुख्यमंत्री ने यह साफ किया कि आवश्यक वस्तुएं जैसे कि खाना दवाइयां सभी के लिए उपलब्ध रहेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि  आवश्यक वस्तुओं को लोगों पहुंचाया जाएगा। दवाओं, खाद्य पदार्थों या किसी अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। लोगों को घबराना नहीं चाहिए।

लॉकडाउन का क्या है मतलब
किसी शहर को लॉकडाउन करने का मतलब होता है कि इस दौरान कोई भी शख्स घर से बाहर नहीं निकल सकता है। हालांकि, इसके अपवाद भी हैं। मसलन, दवा, बैंक, अस्पताल और राशन-पानी की जरूरत के लिए घर से बाहर निकलने की छूट मिलती है। लॉकडाउन एक तरह से आपातकाल व्यवस्था होती है। अगर किसी शहर या इलाके में लॉकडाउन की घोषणा होती है तो वहां के लोगों को घरों से निकलने की इजाजत नहीं होती है। लॉकडाउन की स्थिति में किसी भी शख्स को जीवन जीने के लिए बुनियादी और आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की इजाजत होती है। लॉकडाउन में अगर किसी को राशन, दवा-पानी, सब्जी की जरूरत है तो वह बाहर जा सकता है या फिर बैंक-अस्पताल के काम के लिए अनुमति मिल सकती है।

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