शहीद हवलदार रामचंद्र सिंह की प्रतिमा का एनएसजी अधिकारियों की उपस्थिति में अनावरण। गांव ने दी वीर सपूत को श्रद्धांजलि

जयप्रकाश | श्रीनगर गढ़वाल श्रीनगर गढ़वाल से सटे डूंगरीपंथ गांव में जन्मे शहीद हवलदार रामचंद्र सिंह की स्मृति में राजकीय इंटर कॉलेज दिखोळयूँ में स्थापित उनकी प्रतिमा का अनावरण बड़े ही सम्मान और गर्व के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) से आए ब्लैक कैट कमांडो अधिकारियों, विद्यालय के प्रधानाचार्य, […]

जयप्रकाश | श्रीनगर गढ़वाल

श्रीनगर गढ़वाल से सटे डूंगरीपंथ गांव में जन्मे शहीद हवलदार रामचंद्र सिंह की स्मृति में राजकीय इंटर कॉलेज दिखोळयूँ में स्थापित उनकी प्रतिमा का अनावरण बड़े ही सम्मान और गर्व के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) से आए ब्लैक कैट कमांडो अधिकारियों, विद्यालय के प्रधानाचार्य, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और गांव के सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।


🇮🇳 देश के लिए सर्वोच्च बलिदान

शहीद हवलदार रामचंद्र सिंह का जन्म डूंगरीपंथ गांव में अमर सिंह और श्रीमती सोनी देवी के घर हुआ था। वे 3 पैरा (SF) में सेवारत थे और NSG 51 (SAG) का भी हिस्सा थे। 11 अगस्त 1989 को पंजाब के तरनतारन जिले के कैरों गांव में ऑपरेशन माउस ट्रैप के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ मुठभेड़ में उन्होंने अद्वितीय साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए सरहली खुर्द क्षेत्र में शहादत प्राप्त की।


🪖 NSG अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान एनएसजी के सहायक कमांडर सतपाल सिंह और गुमान सिंह ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा:

“हवलदार रामचंद्र सिंह का बलिदान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान है। उन्होंने यह दिखा दिया कि कैसे देश सेवा के लिए अपने प्राणों की चिंता किए बिना डटे रहना चाहिए।”


🏫 विद्यालय और गांव ने साझा की गौरवगाथा

विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं पूर्व सैनिक भगत चौहान ने कहा कि:

“हवलदार रामचंद्र सिंह ने आतंकियों के खिलाफ लड़ते हुए एक ऐसा इतिहास रचा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनका बलिदान भारतीय माँ के चरणों में अर्पित एक महानतम श्रद्धांजलि है।”


🙏 श्रद्धांजलि में उमड़ा जनसमूह

कार्यक्रम में शहीद की बेटियां श्रीमती आरती और श्रीमती अमृता, गांव के नागरिक और विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
इस मौके पर एनएसजी कमांडो नायक हरेंद्र सिंह, आयुष रावत, नीरज मैठाणी, तथा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं रचना पंवार, आशीष प्रसाद घिड़ियाल, अनीता रावत, कुलानंद, विकास नेगी, अल्का नयाल लिंगवाल आदि मौजूद रह

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