आरटीआई खुलासा : जानिए ! मुख्यमंत्रियों ने की कितनी घोषणाएं ? कितनी हुई पूरी? कितनी रही अधूरी?

आरटीआई एक्टिविस्ट तथा समाजसेवी गुरविंदर सिंह चड्डा द्वारा लगाई गई एक आरटीआई के जवाब में मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह सूचना दी है।  हल्द्वानी निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट गुरविंदर सिंह चड्डा ने पूछा था कि अब तक मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने कार्यकाल में कितनी घोषणाएं की है और कितनी पूरी की है?  श्री चड्डा कहते हैं कि वह […]

आरटीआई एक्टिविस्ट तथा समाजसेवी गुरविंदर सिंह चड्डा द्वारा लगाई गई एक आरटीआई के जवाब में मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह सूचना दी है।
 हल्द्वानी निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट गुरविंदर सिंह चड्डा ने पूछा था कि अब तक मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने कार्यकाल में कितनी घोषणाएं की है और कितनी पूरी की है?
 श्री चड्डा कहते हैं कि वह मुख्यमंत्रियों द्वारा क्रियान्वित की जा रही घोषणाओं की स्थिति जानना चाहते थे ताकि जनता उनकी परफॉर्मेंस के बारे में जागरूक हो सके। किंतु आरटीआई से मिली सूचना के बाद अपेक्षा से कम उपलब्धियों के कारण वह निराशा जाहिर करते हैं।
डबल इंजन की धीमी चाल
 आंकड़ों के अनुसार वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 18 मार्च 2017  से अब तक 1977 घोषणा की है। इनमें से 1118 घोषणाएं पूरी हो गई हैं, जबकि 469 लंबित है तथा 390 अपूर्ण है।
यह एक बात है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत यह कहते नहीं थकते कि वह घोषणा करने से पहले इस शासनादेश साथ में लेकर चलते हैं।
हरीश रावत की सर्वाधिक घोषणाएं 
 त्रिवेंद्र के पूर्ववर्ती हरीश रावत ने अपने कार्यकाल 1 फरवरी 2014 से लेकर मार्च 2017 तक सर्वाधिक 3814 घोषणाएं की है, जिनमें से 2201 घोषणाएं पूरी हो चुकी थी तथा 1343 लंबित रही और 270 घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई।
 इसी तरह से कांग्रेस के ही विजय बहुगुणा ने 13 मार्च 2012 से लेकर 31 जनवरी 2014 तक के कार्यकाल में कुल 1340 घोषणाएं की और 678 घोषणाएं पूरी कर पाए थे।
खंडूड़ी ने कम कहा, पर पूरा किया
भाजपा के भुवन चंद्र खंडूरी ने अपने दूसरे कार्यकाल में 11 सितंबर 2011 से लेकर 13 मार्च 2012 तक मात्र 33 घोषणाएं की लेकिन उन सभी को पूरा किया।
निशंक तो निशंक ठहरे
भाजपा के रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने कार्यकाल 24 जून 2009 से लेकर 10 सितंबर 2011 तक 1140 घोषणाएं की, जिनमें से 458 पूरी हुई। और 251 लंबित ही रह गई और 431 पूरी नहीं हो पाई।
अपने पहले कार्यकाल में भुवन चंद्र खंडूरी ने 564 घोषणाएं की थी जिनमें से 303 पूरी हुई और 276 लंबित रहीं जबकि 5 घोषणाएं अपूर्ण थी।
खंडूड़ी से पहले कांग्रेस के मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने अपने कार्यकाल में 2 मार्च 2002 से लेकर 7 मार्च 2007 तक 895 घोषणा की जिनमें से 312 घोषणाएं पूरी हुई और बाकी अपूर्ण रही।
बेचारे कोश्यारी 
भाजपा के भगत सिंह कोशियारी ने अपने कार्यकाल में 30 अक्टूबर 2001 से लेकर 1 मार्च 2002 तक मात्र 11 घोषणाएं की, लेकिन एक भी घोषणा पूरी नहीं कर पाए।
 राज्य के पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी ने 33 घोषणाएं की थी, लेकिन उनकी घोषणाओं के विषय में आरटीआई से कोई जवाब प्राप्त नहीं हो पाया।

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