HighCourt- हल्द्वानी हिंसा के 50 से अधिक आरोपियों की बेल के मामले में निर्णय सुरक्षित।

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी दंगे के आरोपियों की बेल मामले में सुनवाई पूरी कर निर्णय को सुरक्षित रख लिया है।वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की युगलपीठ में शुक्रवार और शनिवार को हल्द्वानी के वनभूलपुरा दंगे से जुड़े लगभग 55 आरोपियों की बेल के विषय में सुनवाई हुई। […]

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी दंगे के आरोपियों की बेल मामले में सुनवाई पूरी कर निर्णय को सुरक्षित रख लिया है।
वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की युगलपीठ में शुक्रवार और शनिवार को हल्द्वानी के वनभूलपुरा दंगे से जुड़े लगभग 55 आरोपियों की बेल के विषय में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने शेसन कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। उनकी तरफ से कहा गया कि पुलिस ने उनके खिलाफ 90 दिन के अंदर आरोपपत्र दाखिल नहीं किया और न ही रिमांड बढ़ाने के लिये कोई स्पष्ट कारण बताया। न्यायालय ने उनकी रिमांड बढ़ा दी और उनकी डिफाल्ट बेल खारिज कर दी। दूसरी ओर सरकारी पक्ष की ओर से कहा गया कि पुलिस के पास पर्याप्त आधार और कारण हैं। अदालत के पास रिमांड बढ़ाने का अधिकार है। नियमानुसार ही आरोपियों की रिमांड बढ़ाई गयी है। मामले को सुनने के बाद न्यायालय ने अपना निर्णय रिजर्व कर लिया है।

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