लोक निर्माण विभाग ने लाटा से सिताकोट तक 2.5 कि0.मी. मोटर मार्ग का निर्माण कार्य किया तथा सिताकोट से आगे 11 कि.मी. मोटर मार्ग का निर्माण कार्य 149.54 लाख रुपये की लागत से करना था।
भट्टगांव गांव के बरिल नामे तोक में 13.7 कि.मी. पर स्थानीय लोगों के बीच हियर पिन बैंड को लेकर विवाद हो गया। जिस कारण लोक निर्माण विभाग 300 मीटर मोटर मार्ग का निर्माण कार्य नही कर सका। इसका निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा अभी किया जाना अवशेष है।
सिंचाई खण्ड प्रथम नई टिहरी ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के तहत सिताकोट-बनोली तक 14.275 कि .मी0. मोटर मार्ग का निर्माण कार्य स्टेज-1 में नया निर्माण तथा स्टेज-2 में मरम्मत का कार्य 998.66 लाख रुपये की लागत से करना था।
सिंचाई खण्ड प्रथम नई टिहरी ने पी.एम.जी.एस.वाई. के तहत स्वीकृत सिताकोट-बनाली मोटर मार्ग का निर्माण कार्य नही किया और लोक निर्माण विभाग घनसाली द्वारा निर्मित सिताकोट-भट्टगांव मोटर मार्ग के किये गये निर्माण कार्य में प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना का निर्माण कार्य करना दर्शाया है।
पी.एम.जी.एस.वाई. की सिताकोट-बनोली मोटर मार्ग के निर्माण की दूरी 14.275 कि.मी. भट्टगांव गांव में ही समाप्त हो गई है और बनोली गांव भट्टगांव से करीबन 4 कि.मी. दूर है। कार्य योजना के तहत सिंचाई खण्ड प्रथम नई टिहरी ने बनोली गांव को इस मोटर मार्ग से नही जोड़ा है।
जबकि बनोली गांव पी.एम.जी.एस.वाई. के सरकण्डा-बनोली-कोट मोटर मार्ग से पहले से ही जुड़ा हुआ है। लोक निर्माण विभाग घनसाली द्वारा निर्मित सिताकोट-भट्टगांव मोटर मार्ग के निर्माण कार्य के ऊपर सिंचाई खण्ड प्रथम नई टिहरी ने पी.एम.जी.एस.वाई. के तहत सिताकोट-बनोली मोटर मार्ग का निर्माण कार्य किया है।
लोक निर्माण विभाग ने मोटर मार्ग का निर्माण कार्य इसके ऊपर ही करने के लिए सिंचाई विभाग को मोटर मार्ग हस्तान्तरण भी नही किया है।
सिताकोट-भट्टगांव 11 कि.मी. मोटर मार्ग के निर्माण कार्य करने पर लोक निर्माण विभाग 149.54 लाख रुपये व्यय कर चुका है तथा सिंचाई खण्ड प्रथम नई टिहरी पी.एम.जी.एस.वाई. के तहत इसी मोटर मार्ग के ऊपर सिताकोट-बनोली मोटर मार्ग का 14.275 कि.मी. का निर्माण कार्य कर 998.66 लाख रुपये का दुरुपयोग कर दोनों विभाग ने आपसी मिली भगत कर के हड़प किया है।
दोनों विभाग की कार्य योजना अलग-अलग है लेकिन दोनों ने एक ही मोटर मार्ग पर भारी भरकम धनराशि को ठिकाने लगाया है।