खुद ही प्रमाणित कीजिए अब अपने सभी दस्तावेज!

 सेवायोजन हेतु आवेदन करने की प्रक्रिया को सरलीकृत करने के उद्देश्य से शैक्षिक और अन्य प्रमाण पत्रों को स्व:प्रमाणित करने के संबंध में यूं तो पहले ही 11 दिसंबर 2014 को एक शासनादेश के माध्यम से तत्कालीन उत्तराखंड सरकार ने आदेश जारी किए हुए थे।  उस से एक कदम आगे बढते हुए वर्तमान उत्तराखंड सरकार […]

 सेवायोजन हेतु आवेदन करने की प्रक्रिया को सरलीकृत करने के उद्देश्य से शैक्षिक और अन्य प्रमाण पत्रों को स्व:प्रमाणित करने के संबंध में यूं तो पहले ही 11 दिसंबर 2014 को एक शासनादेश के माध्यम से तत्कालीन उत्तराखंड सरकार ने आदेश जारी किए हुए थे।
 उस से एक कदम आगे बढते हुए वर्तमान उत्तराखंड सरकार ने जन सामान्य को सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य के विभिन्न सरकारी कार्यों में प्रकृति प्रयुक्त होने वाले ऐसे अभिलेख जो अब तक राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित होने पर ही स्वीकार किए जाते थे, अब उनके स्थान पर स्वप्रमाणित अभिलेखों को स्वीकार किया जाएगा।
 उत्पल कुमार सिंह ने आज जारी एक साथ में देश के माध्यम से प्रदेश के सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए हैं कि आप किसी भी प्रकार की सरकारी कार्यों के लिए स्वप्रमाणित अभिलेख ही पर्याप्त होंगे। हालांकि संबंधित कार्य के औपचारिक अथवा अंतिम रूप से स्वीकृत किए जाने से पूर्व स्वीकृतिकर्ता अधिकारी अथवा सक्षम अधिकारी द्वारा स्वप्रमाणित अभिलेखों का मिलान मूल अभिलेखों से अवश्य करा दिया जाएगा और संतुष्ट होने के उपरांत ही अग्रेतर कार्यवाही संपादित की जाएगी।

 प्रमाणीकरण में सभी तरह की औपचारिकताएं समाप्त होने से बेरोजगारों को अपने शैक्षिक सहित अन्य जन सामान्य को सरकारी विभागों में प्रयुक्त होने वाले अभिलेखों को राजपत्रित अधिकारियों से प्रमाणित कराने की बाध्यता खत्म हो जाएगी।यह एक बड़ी राहत पाना जा रहा है।

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