एकमात्र पोलिंग बूथ का रास्ता दूर होने से मतदाता अपना मत नहीं दे सके।व्यवस्था सुधारने की मांग…

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड के नैनीताल से लगे एक गांव के लोग आज भी घने जंगल और पैदल मार्ग के कारण वोट डालने से वंचित रह गए हैं। सारी समस्याओं को दरकिनार कर पोलिंग बूथ तक पहुंची कुसुमलता तिवारी ने बताया कि उनके गांव के वोटरों के लिए सरकार ने सुविधा बनानी चाहिए।नैनीताल जिले में […]

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड के नैनीताल से लगे एक गांव के लोग आज भी घने जंगल और पैदल मार्ग के कारण वोट डालने से वंचित रह गए हैं। सारी समस्याओं को दरकिनार कर पोलिंग बूथ तक पहुंची कुसुमलता तिवारी ने बताया कि उनके गांव के वोटरों के लिए सरकार ने सुविधा बनानी चाहिए।
नैनीताल जिले में भवाली सैनेटोरियम से रातिघाट जाने वाले बाईपास में पांच किलोमीटर पर भवाली गांव बसा है। यहां चौरसा, सिरोड़ी और भवाली गांव के 657 वोटर हैं। इनमें से कुछ मतदाता ऐसे हैं जो अपने गांव से दूर पड़ने वाले मतदान केंद्र का रास्ता घना जंगल होते हुए तय करते हैं। बैतालघाट विकास खंड के भवाली गांव स्थित एकमात्र राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बने पोलिंग बूथ के 657 वोटर गांव व आसपास के रहने वाले हैं। भवाली गांव के मतदान केंद्र में वोट डालने पहुंची दुरस्त ग्रामसभा सिरोड़ी की कुसुमलता तिवारी ने बताया कि उनके गांव से इस पोलिंग बूथ तक पहुंचने के लिए न सड़क है और न ही कोई व्यवस्था है। इस कारण लगभग 15 लोग वोट देने नहीं आ सके। कुसुमलता ने सरकार से इन अव्यवस्थाओं को सुधारने की गुहार लगाई है।

बाईट :- कुसुमलता तिवारी, वोटर।

Also Read This

बड़ी खबर: यमुनोत्री धाम में 60 लाख की आय, फिर भी सुविधाओं पर सवाल

7.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, बढ़ी आमदनी और भीड़ के बीच जानकीचट्टी–यमुनोत्री मार्ग की बदहाली बनी चुनौतीरिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी बड़कोट/उत्तरकाशी, 19 सितंबर। यमुनोत्री धाम में...

बदहाली : 13 साल से सड़क अधूरी, 6 साल से पुल गायब; डंडी-कंडी पर बीमार

मोरी/उत्तरकाशी। 18 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी सीमांत विकासखंड मोरी के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में सड़क सुविधा की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। 21 वर्षीय...

Related Posts