मान्यताओं और परंपराओं को दरकिनार कर महिलाओं के लिए प्रतिबंधित बृहस्पति धाम में घुसी उमा भारती। जानिए फिर क्या हुआ…

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- महिलाओं के लिए वर्जित ऊत्तराखण्ड में नैनीताल जिले के बृहस्पति धाम मंदिर में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती के घुसने से हंगामा। ग्रामीणों ने परंपरा तोड भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।नैनीताल जिले में ओखलकांडा के पवित्रदेवगुरु बृहस्पति धाम में महिलाओं का प्रवेश सदियों से प्रतिबंधित है। ग्रामीणों ने आरोप […]

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- महिलाओं के लिए वर्जित ऊत्तराखण्ड में नैनीताल जिले के बृहस्पति धाम मंदिर में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती के घुसने से हंगामा। ग्रामीणों ने परंपरा तोड भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।
नैनीताल जिले में ओखलकांडा के पवित्र
देवगुरु बृहस्पति धाम में महिलाओं का प्रवेश सदियों से प्रतिबंधित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है की उमा भारती और देवगुरु बृहस्पति को धाम पहुंचे और उन्होंने परंपराओं और मान्यताओं को दरकिनार कर मंदिर में प्रवेश कर लिया। उमा भारती ने तो मंदिर के भीतर पूजा-अर्चना तक की। ग्रामीणों के अनुसार धाम में महिलाओं के प्रवेश पर कालखंड से रोक होने के बावजूद बृहस्पतिवार को उमा भारती के प्रवेश और पूजा-अर्चना से स्थानीय लोगों अनहोनी को लेकर आशंकित हैं। समाजसेवी मदन नौलिया ने कहा कि धाम में कालखंड से महिलाओं का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि मामला सामने आने के बाद से ही लोगों में तरह तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। नौलिया ने कहा कि जो मान्यता पूर्व से चले आ रही है उस मान्यता को राजनीतिक लोगों ने उमा भारती तक नहीं पहुंचाया। ये कदम मंदिर की मार्यादा, आस्था और विश्वास के साथ खिलवाड़ करना है। उमा भारती के मंदिर में प्रवेश करने संबंधित फोटो सोशल मीडिया में जारी होने के साथ ही लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मंदिर में चली आ रही मान्यता को चलाए रखने को कहा है।

बाईट :- मैदान नौलिया, स्थानीय आपत्तिकर्ता।

Also Read This

बड़ी खबर: यमुनोत्री धाम में 60 लाख की आय, फिर भी सुविधाओं पर सवाल

7.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, बढ़ी आमदनी और भीड़ के बीच जानकीचट्टी–यमुनोत्री मार्ग की बदहाली बनी चुनौतीरिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी बड़कोट/उत्तरकाशी, 19 सितंबर। यमुनोत्री धाम में...

बदहाली : 13 साल से सड़क अधूरी, 6 साल से पुल गायब; डंडी-कंडी पर बीमार

मोरी/उत्तरकाशी। 18 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी सीमांत विकासखंड मोरी के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में सड़क सुविधा की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। 21 वर्षीय...

Related Posts