गुरुद्वारे पर आपस मे उलझे सिक्ख संगठन!

सुलझने की बजाए उलझ रहा है ज्ञानगोदडी विवाद।सिख संगठनों ने हरकीपैडी पर मांगा स्थान। एक धडा प्रेमनगर आश्रम के ही पास गुरुद्वारे की मांग पर अडा। कुमार दुष्यंत /हरिद्वार शासन द्वारा हरिद्वार में ज्ञानगोदडी गुरुद्वारे के विवाद के समाधान के लिए चौदह सदस्यीय कमेटी गठन के तीन महीने बाद भी इस समस्या का अभी कोई […]

सुलझने की बजाए उलझ रहा है ज्ञानगोदडी विवाद।सिख संगठनों ने हरकीपैडी पर मांगा स्थान।
एक धडा प्रेमनगर आश्रम के ही पास गुरुद्वारे की मांग पर अडा।
कुमार दुष्यंत /हरिद्वार
शासन द्वारा हरिद्वार में ज्ञानगोदडी गुरुद्वारे के विवाद के समाधान के लिए चौदह सदस्यीय कमेटी गठन के तीन महीने बाद भी इस समस्या का अभी कोई समाधान निकलता नहीं नजर आ रहा है।सिख संगठनों की अलग-अलग मांगों ने भी कमेटी के लिए समस्या बढा दी है।जिसके कारण मामला सुलझने की बजाए और उलझता जा रहा है।

  • राज्य सरकार ने हरिद्वार में सिखों की ज्ञानगोदडी गुरुद्वारे की स्थापना की चिर-प्रतिक्षित मांग को पूरा करने के लिए अगस्त में शासन के प्रवक्ता व नगर विकास मंत्री मदन कौशिक के नेर्तत्व में एक चौदह सदस्यीय समिति का गठन कर इस समिति को ज्ञानगोदडी गुरुद्वारा विवाद का समाधान खोजने का दायित्व सौंपा था।समिति की सितंबर में हुई पहली बैठक में सिख संगत के हरकीपैडी पर ज्ञानगोदडी गुरुद्वारा होने के दावों-प्रतिदावों का परिक्षण किया गया।समिति को हरकीपैडी पर ज्ञानगोदडी गुरुद्वारा होने का कोई प्रमाण अभी तक नहीं मिल सका है।अलबत्ता हरकीपैडी पर एक दुकान में कभी गुरुद्वारा रहा होने से विवाद बना हुआ है। ज्ञानगोदडी को लेकर कोई नया तथ्य सामने न आने से समिति  की अक्टूबर में प्रस्तावित बैठक भी नहीं हुई।जिस से ये मामला जस का तस बना हुआ है।
वर्षों से हरिद्वार में ज्ञानगोदडी गुरुद्वारे के निर्माण की मांग कर रही सिखों की अलग-अलग यूनियनें इसका जल्द समाधान चाहती हैं।लेकिन ज्ञानगोदडी की प्रमाणिकता एवं सिखों के अलग-संगठनों में बंटे होने के कारण  सरकार के सामने इस विवाद का हल ढूँढने में दिक्कत आ रही है।सिखों के एक संगठन ज्ञानगोदडी गुरुद्वारा संघर्ष समिति ने अब शासन से मांग की है कि समाधान निकलने तक उन्हें हरकीपैडी पर रहे गुरुद्वारे के स्थल पर ही पहले जितना स्थान उपलब्ध करा दिया जाए।जहां वह धार्मिक गतिविधियों का संचालन कर सकें।उधर पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से प्रेमनगर आश्रम के पास सिंचाई विभाग की भूमि पर धरना-प्रदर्शन कर रहा सिखों का दूसरा संगठन इस स्थल पर ही गुरुद्वारा बनाने की मांग पर अडा हुआ है।क्योंकि यह स्थान गंगा किनारे है और सिख गंगा किनारे ही भूमि की मांग कर रहे हैं।इसलिए वह इस स्थल को छोडने को तैयार नहीं है।लेकिन शासन की दिक्कत यह है कि वन विभाग के स्वामित्व वाली सिंचाई की इस भूमि को देने में एनजीटी व न्यायालयों की कई बाधाएं उसके सामने हैं।
 प्रेमनगर आश्रम के पास धरना दे रही ज्ञानगोदडी प्रबंधक समिति ने इस स्थल पर अपनी दावेदारी के रुप में नवंबर में यहां धूमधाम से प्रकाश पर्व मनाने की घोषणा कर डाली है।समिति इसके लिए व्यापक स्तर पर निमंत्रण भेज रही है।जहां अन्य स्थानों पर चार नवंबर को प्रकाश पर्व मनाया जाना है।वहीं यहां अधिक से अधिक श्रद्धालु शामिल हो सकें ।इसके लिए पांच नवंबर को यहां प्रकाश पर्व मनाने का निर्णय लिया गया है।
इस विवाद पर ‘पर्वतजन’ के सवाल पर  शासकीय कमेटी के चेयरमैन व सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक का कहना है, “विवाद चालीस साल से भी अधिक पुराना है।इसलिए इसका समाधान ढूँढने में वक्त लगेगा।हमनें जिलाधिकारी को सिखों की मांग के अनुरूप हरिद्वार में गुरुद्वारे के लिए स्थान खोजने के लिए कहा है।देर-सबेर समिति इस विवाद का हल तलाशने में कामयाब रहेगी ।”

Also Read This

बदहाली : 13 साल से सड़क अधूरी, 6 साल से पुल गायब; डंडी-कंडी पर बीमार

मोरी/उत्तरकाशी। 18 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी सीमांत विकासखंड मोरी के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में सड़क सुविधा की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। 21 वर्षीय...

बड़ी खबर :हनी मिशन में ‘मधु’ की जगह सवालों का छत्ता! घटिया बी-बॉक्स, बीमार कॉलोनी और मानकविहीन टूल किट बांटने के आरोप

मोरी, उत्तरकाशी। सितंबर 2026।नीरज उत्तराखंडी खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की हनी मिशन योजना के तहत मोरी...

Related Posts