दबंग पार्षद ने रास्ता मकान कब्जाया। भूख हड़ताल पर पति पत्नी 

दबंग पार्षद के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे दंपत्ति की हालत बिगड़ने पर  उन्हें जबरन  अस्पताल देहरादून मैं भर्ती  करा दिया गया तो  दंपति ने अस्पताल में भी उपवास शुरू कर दिया है।  एमडीडीए कॉलोनी में चंदर रोड पर रहने वाले एक दंपत्ति के घर का रास्ता वहीं के पार्षद ने कब्जा लिया तो वह […]

दबंग पार्षद के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे दंपत्ति की हालत बिगड़ने पर  उन्हें जबरन  अस्पताल देहरादून मैं भर्ती  करा दिया गया तो  दंपति ने अस्पताल में भी उपवास शुरू कर दिया है।
 एमडीडीए कॉलोनी में चंदर रोड पर रहने वाले एक दंपत्ति के घर का रास्ता वहीं के पार्षद ने कब्जा लिया तो वह 10 जनवरी से परेड ग्राउंड पर धरना दे रहे थे। पिछले 5 दिनों से उन्होंने अनशन शुरू कर दिया था, जहां महिला रश्मि सिंह की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
 रश्मि के पति लोकेश का कहना है कि रास्ता कब्जाए जाने के खिलाफ उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर भाजपा की जनता दरबार तक भी शिकायत की, जहां जनता दरबार में उनकी अपील सुनते हुए केबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने नगर निगम के एमएनए को कार्यवाही के निर्देश दिए थे लेकिन फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
 रश्मि का कहना है कि पार्षद आनंद त्यागी ने उनके घर का रास्ता बंद करने के बाद उनका मकान भी तुड़वा दिया। जब उन्होंने इसकी शिकायत मेयर विनोद चमोली और जिलाधिकारी से करनी चाही तो उन्हें उनसे मिलने तक नहीं दिया गया।
 नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे का कहना है कि इस दंपति ने भी सरकारी जमीन कब्जाई हुई है। डालनवाला के पार्षद आनंद त्यागी का कहना है कि दंपति उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
 गौरतलब है कि इस बस्ती में काफी लंबे समय से लोग नदी किनारों की जमीन पर रह रहे हैं और अधिकांश ने जमीन कब्जा कर अपने मकान बनाए हुए हैं। किसी के पास भूमि स्वामित्व के कागज नहीं है।
 भूमि पर मालिकाना हक न होने के कारण ही इस तरह की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। आए दिन भूमि पर कब्जे को लेकर झगड़े फसाद होना यहां आम बात है।
 नगर निगम और प्रशासन इस तरफ से आंखें मूंदे रहता है। शायद प्रशासन को किसी बड़ी घटना का इंतजार है। इस बार की टकराहट में एक पक्ष बिल्कुल लाचार होने और एक पक्ष दबंग होने के कारण दूसरा पक्ष सीधे भूख हड़ताल पर चला गया। यदि दोनों पक्ष मजबूत होते तो यह टकराहट कोई दूसरा रूप भी ले सकती थी।

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