भिखारी को दिया गद्दा, तो खुद बन गए भिखारी!

बात कुछ ही दिन पहले की है। कनखल के एक घर में जोर-शोर से रंगाई-पुताई का काम चल रहा था। बाप पुराने खयालों का था। घर में पुरानी चीजें और पुराने खयालों का अंबार लगा रहता था। नए जमाने का बेटा इस ताक में था कि कब बुढऊ इधर-उधर हो और वह कुछ पुराना सामान […]

बात कुछ ही दिन पहले की है। कनखल के एक घर में जोर-शोर से रंगाई-पुताई का काम चल रहा था। बाप पुराने खयालों का था। घर में पुरानी चीजें और पुराने खयालों का अंबार लगा रहता था। नए जमाने का बेटा इस ताक में था कि कब बुढऊ इधर-उधर हो और वह कुछ पुराना सामान इधर-उधर कर दे। इधर बाप घूमने गया, उधर बेटे ने एक पुराना गद्दा कनखल के दरिद्र भंजन मंदिर के बाहर बैठे एक भिखारी को थमा दिया। गद्दा इतना पुराना था कि भिखारी ने भी बेटे की नजर फिरते ही गद्दा दूसरे भिखारी को चेप दिया।
इधर बाप घर आया तो गद्दा न पाकर बेटे का जवाब तलब कर दिया। बाप को सामान्य से कहीं अधिक आपा खोते देख बेटे ने कारण पूछा तो खुद की भी हवा सरक गई। कंजूस बाप ने गद्दे में ४० लाख छुपा कर रखे थे। अब तो बाप-बेटे दोनों उस भिखारी के साथ गली-गली दूसरे भिखारी को छान-मार रहे हैं। खाक छानते-छानते बाप-बेटे की हालत भी भिखारियों जैसे हो गई है। मामला ही ऐसा है, न पुलिस को बता सकते हैं, न सब्र कर सकते हैं। हालात यह हो गई कि क्या बाप, क्या बेटा, क्या भिखारी, तीनों अपनी-अपनी किस्मत को कोस रहे हैं।

Also Read This

क्राइम: देहरादून में घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या, पति ने पाटल से गले पर किया वार

Dehradun News: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सनसनीखेज मामला सामने आया है। डालनवाला कोतवाली क्षेत्र में घरेलू विवाद के दौरान एक पति पर अपनी...

RTI खुलासा : कृषि विभाग में करोड़ों का खेल! अपात्र लाभार्थियों को ₹1152.46 लाख का भुगतान, ₹1147.86 लाख की वसूली बाकी

देहरादून/हल्द्वानी। कार्तिक उपाध्याय उत्तराखंड कृषि विभाग से सूचना के अधिकार के तहत निकले सरकारी दस्तावेजों ने करोड़ों रुपये के भुगतान और वसूली को लेकर गंभीर...

Related Posts