महिला तकनीकी संस्थान विवाद का ऐसे हुआ पटाक्षेप

आखिरकार दो-तीन महीने से चला आ रहा महिला तकनीकी संस्थान की निदेशक तथा विश्व तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति के बीच विवाद का पटाक्षेप हो गया है।  उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति की शह पर महिला तकनीकी संस्थान के फैकल्टी शिक्षक लंबे समय से संस्थान के गेट पर तालाबंदी करके धरने पर बैठे थे। इससे पठन-पाठन […]

आखिरकार दो-तीन महीने से चला आ रहा महिला तकनीकी संस्थान की निदेशक तथा विश्व तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति के बीच विवाद का पटाक्षेप हो गया है।
 उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति की शह पर महिला तकनीकी संस्थान के फैकल्टी शिक्षक लंबे समय से संस्थान के गेट पर तालाबंदी करके धरने पर बैठे थे। इससे पठन-पाठन काफी प्रभावित हो रहा था।
आखिरकार समाजसेवी पूजा बहुखंडी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर 2017 को प्रशासन की मदद से तालाबंदी खुलवाने का आदेश दिया था।
 इस आदेश पर तकनीकी संस्थान की तालाबंदी तो खत्म कर दी गई किंतु कुलपति PK गर्ग ने हाईकोर्ट के आदेशों को अपने अनुसार व्याख्या करके महिला तकनीकी संस्थान की निदेशक डॉ अलकनंदा अशोक के सभी अधिकार छीन लिए थे।
 हाईकोर्ट के आदेश की पुनर्व्याख्या के लिए पुनः हाईकोर्ट की शरण लिए जाने पर अब हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि उन्होंने अपने पिछले आदेश में अलकनंदा अशोक से अधिकार वापस लेने जैसा न तो कोई आदेश किया था, ना ही उनकी ऐसी कोई मंशा थी।
 हाई कोर्ट ने कहा कि पीआईएल पर कार्यवाही करते हुए तालाबंदी खुलवा दी गई है तो फिर यह पीआईएल भी निस्तारित हो चुकी है। हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश को निर्देश दिए हैं कि वह नियमानुसार डॉ अलकनंदा अशोक के अधिकारों के संबंध में कार्यवाही करें।

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