गंगा के मायके वाली सड़क पर घटिया डामरीकरण

पुरोहितो ने जताई नाराजगी गिरीश गैरोला तीर्थ पुरोहितों के गांव को जोड़ने वाली 3.75 किमी लंबी हरसिल -मुखबा सड़क मार्ग पर घटिया गुणवत्ता के डामरीकरण को लेकर गंगोत्री तीर्थ पुरोहितों ने नाराजगी जताई है। रावल गंगोत्री सुधांशु सेमवाल, धर्मानंद बिजल्वाण और दिनेश सेमवाल ने बताया कि करीब 26 लाख की लागत से तैयार होने वाली […]

पुरोहितो ने जताई नाराजगी

गिरीश गैरोला

तीर्थ पुरोहितों के गांव को जोड़ने वाली 3.75 किमी लंबी हरसिल -मुखबा सड़क मार्ग पर घटिया गुणवत्ता के डामरीकरण को लेकर गंगोत्री तीर्थ पुरोहितों ने नाराजगी जताई है।

रावल गंगोत्री सुधांशु सेमवाल, धर्मानंद बिजल्वाण और दिनेश सेमवाल ने बताया कि करीब 26 लाख की लागत से तैयार होने वाली हरसिल से गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव को जोड़ने वाली सड़क मार्ग पर किया जा रहा डामरीकरण का कार्य बेहद घटिया गुणवत्ता का है जो पैदल चलने से ही उखड़ रहा है । उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में मानकों को ताक पर रखकर काम किया गया है।

गौरतलब है कि इस सड़क पर स्थानीय लोगो के साथ देश विदेश से आने वाले गंगा भक्त श्रद्धालु भी चलते है ।

इस संबंध में लोक निर्माण विभाग भटवाडी के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह खत्री ने बताया किस संबंधित अवर अभियंता और सहायक अभियंता इस वक्त भी  मौके पर ही  गए हुए हैं।  अधिशासी अभियंता ने कहा कि उन्होंने खुद कुछ दिन पहले ही मौके पर सड़क की जांच की थी उन्होंने कहा कि बीआरओ की सड़क की तुलना में लोक निर्माण विभाग की सड़क में किए जाने वाला डामरीकरण 20 mm प्रीमिक्स  कारपेट पर  तैयार किया जाता है जबकि बीआरओ द्वारा 25 mm का कारपेट  बनाया जाता है । डामरीकरण के उखड़ने पर के सवाल पर अधिशासी अभियंता ने कहा अगर डामर उखड़ रहा है संबंधित इंजीनियर से वार्ताकार वे आवश्यक दिशा निर्देश जारी करेंगे।

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