यहाँ हुई बर्फबारी। फिर निकली रजाई

मौसम ने फिर ली करवट। ऊपरी उच्च हिमालयी इलाके में बर्फवारी से निचले इलाकों में बढ़ी ठंडक। गर्म कपड़े और रजाई फिर निकली बाहर। गिरीश गैरोला शनिवार को मौसम में आए बदलाव के साथ ही उच्च हिमालय क्षेत्र में दोपहर बाद बर्फबारी से निचले इलाकों में ठंडक बढ़ गई है ठंडक का आलम यह है कि लोगों […]

मौसम ने फिर ली करवट। ऊपरी उच्च हिमालयी इलाके में बर्फवारी से निचले इलाकों में बढ़ी ठंडक। गर्म कपड़े और रजाई फिर निकली बाहर।

गिरीश गैरोला

शनिवार को मौसम में आए बदलाव के साथ ही उच्च हिमालय क्षेत्र में दोपहर बाद बर्फबारी से निचले इलाकों में ठंडक बढ़ गई है ठंडक का आलम यह है कि लोगों ने गर्म कपड़े और रजाई एक बार फिर बाहर निकाल दी है।

 

ठंड से ज्यादातर लोग घरों में दुबके पड़े हैं ।वही बर्फबारी का दौर हरसिल, मुखवा, धराली से नीचे की तरफ बढ़ने लगी है । अच्छी बर्फबारी से सेब उत्पादक काश्तकारों के चेहरे पर रौनक है।  सेब के बेहतर उत्पादन के लिए चीलिंग टेंपरेचर की जरूरत होती है ।

यदि अच्छी बर्फबारी हुई तो सेब का उत्पादन अच्छा हो सकता है । इसके अलावा पर्यटन के लिहाज से भी बर्फबारी को मुफीद माना जा रहा है ।इससे पहले की बर्फ जमीन पर गिरने के साथ ही पिघल  रही थी अगले 24 घंटो तक मौसम खराब रहने की उम्मीद है । जिसके बाद अच्छी बर्फबारी की उम्मीद की जा रही है । गंगोत्री धाम से लगे हरसिल, झाला, धराली, पुराली   आदि  गांव में बर्फ ने  सफेद चादर ओढ़ ली है।

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