ये बाबा साहेब का सम्मान है या अपमान ?

गिरीश गैरोला  उत्तराखंड मे मित्र पुलिस भले ही अपराधियों से मित्रता से पेश आती हो किन्तु महापुरुषों से पुलिस का कैसा व्यवहार है ये थाना कोतवाली उत्तरकाशी मे लगी इस तस्वीर से पता चलता है।  कोतवाली के कार्यालय मे सामने दीवार पर अपराधियों के नाम और उनके द्वारा कौन-कौन से अपराध अंजाम दिये गए हैं […]

गिरीश गैरोला 
उत्तराखंड मे मित्र पुलिस भले ही अपराधियों से मित्रता से पेश आती हो किन्तु महापुरुषों से पुलिस का कैसा व्यवहार है ये थाना कोतवाली उत्तरकाशी मे लगी इस तस्वीर से पता चलता है।
 कोतवाली के कार्यालय मे सामने दीवार पर अपराधियों के नाम और उनके द्वारा कौन-कौन से अपराध अंजाम दिये गए हैं और किन मामलों मे उनकी तलाश है, इसका विवरण चस्पा किया गया है। किन्तु आश्चर्य है कि इसके पास मे ही सटाकर संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की भी इसी से सटकर तस्वीर लगाई गयी है।
 अब सवाल ये है कि महापुरुषों को सम्मान दिया जा रहा है या उनका अपमान हो रहा है! ऐसा तो नहीं कि अपराधियों से पेश आते-आते पुलिस अच्छे और बुरे कि पहचान भूल गयी है।जाहिर है कि कार्यालयों में महापुरुषों की तस्वीर टांगना महज खानापूर्ति तक सीमित होता जा रहा है।न कोई उनके जीवन से प्रेरणा ले रहा है और न ही किसी को उनके सम्मान की परवाह है।
थाने के एक सिपाही सुझाव देते हैं कि पीएम नरेन्द्र मोदी को महापुरुषों के दिवसों  पर होने वाले कार्यक्रम को स्कूलों की ही तरह सभी कार्यालयों मे आयोजित किया जाना अनिवार्य कर दिया जाना चाहिये। 

Also Read This

बदहाली : 13 साल से सड़क अधूरी, 6 साल से पुल गायब; डंडी-कंडी पर बीमार

मोरी/उत्तरकाशी। 18 सितंबर। नीरज उत्तराखंडी सीमांत विकासखंड मोरी के दूरस्थ लिवाड़ी गांव में सड़क सुविधा की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। 21 वर्षीय...

बड़ी खबर :हनी मिशन में ‘मधु’ की जगह सवालों का छत्ता! घटिया बी-बॉक्स, बीमार कॉलोनी और मानकविहीन टूल किट बांटने के आरोप

मोरी, उत्तरकाशी। सितंबर 2026।नीरज उत्तराखंडी खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की हनी मिशन योजना के तहत मोरी...

Related Posts