उत्तरकाशी माघ मेले में दुकानों की कालाबाजारी, जिला पंचायत के दावे हवाई

दो से ढाई गुना में बिक रही दुकाने गिरीश गैरोला// माघ मेले में दुकानों की कालाबाजारी का काम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह हैं की ट्रक में सामान लेकर उत्तरकाशी माघ मेले में पहुंचे दुकानदार दुकानों के रेट सुनकर वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं । मसूरी से रेडीमेंट गारमेंट […]

दो से ढाई गुना में बिक रही दुकाने

गिरीश गैरोला//

माघ मेले में दुकानों की कालाबाजारी का काम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह हैं की ट्रक में सामान लेकर उत्तरकाशी माघ मेले में पहुंचे दुकानदार दुकानों के रेट सुनकर वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं । मसूरी से रेडीमेंट गारमेंट को लेकर उत्तरकाशी माघ मेले में पहुंचे  चार व्यापारी सिताब सिंह पुंडीर,  अजय,  हैप्पी और अशरफ वापस लौटने को मजबूर हो गए हैं।  व्यापारी सिताब सिंह पुंडीर ने बताया कि कुछ दिन पूर्व दुकानों की पूछताछ के लिए जब उत्तरकाशी आए थे तो उन्हें जिला पंचायत के ठेकेदार द्वारा 15 से 20 हजार रु में दुकान और 5 हजार रु में फड  लगाने के रेट तय किए गए थे , किंतु जब वह बिक्री का सामान लेकर 13 जनवरी की शाम को माघ मेला उत्तरकाशी में पहुंचे तो उन्हें एक दुकान की कीमत 35 से ₹40 हजार रुपए बताई गई । एक हफ्ते चलने वाले इस मेले में ₹40 हजार  केवल दुकान के किराए के लिए ही दिए  जाने हो तो अंदाज सहज ही लगाया जा सकता है कि मेले में किस क्वालिटी का सामान किस कीमत पर मिलने वाला है । जिला पंचायत के ठेकेदार द्वारा  तैनात किए गए व्यक्ति का रौब ऐसा है की जरा सी मोलभाव करने वाले को दुकान  रीसेल में खरीद लो कह कर चलता कर देता है। मेला पंडाल में हालांकि सीसीटीवी और पुलिस चौकी खोलकर सुरक्षा का भरोसा दिया जा रहा है।  मेले में तैनात  जोनल और सेक्टर  मजिस्ट्रेट शिकायतकर्ताओं कोई कोई मदद नहीं कर रहे हैं । उनका कहना है कानून व्यवस्था बिगड़ने पर ही  उनका काम शुरू होता है लिहाजा लिहाजा दुकानों के आवंटन को लेकर वह कोई मदद नहीं कर सकते । इसके लिए उन्हें  जिला पंचायत से संपर्क करना होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष जसोदा राणा ने पत्रकार वार्ता में बताया था कि दुकानों की काला बाजारी होने पर उनसे संपर्क करे किन्तु एन वक्त पर उनका फोन भी नही उठ पता है और सिस्टम अपबे ही ढर्रे पर पूर्व की भांति चलता रहता है।

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