कुछ ही घंटों में सरकारी मेहमानों ने जमा कर दिया ट्रक भर कूड़ा

गिरीश गैरोला// उत्तरकाशी जनपद में चल रहे स्वच्छता पखवाड़े  पर तमाम आरोप और आशंकाओं के बीच महज कुछ घंटों में ही ट्रक भर कूड़ा निकलने के बाद डीएम उत्तरकाशी ने अभियान में जुटे हुए सहयोगियों को धन्यवाद दिया। उत्तरकाशी जिले के पर्यटक स्थल हर्षिल में चल रहे सफाई अभियान को लेकर उठ रहे सवालों का […]

गिरीश गैरोला//

उत्तरकाशी जनपद में चल रहे स्वच्छता पखवाड़े  पर तमाम आरोप और आशंकाओं के बीच महज कुछ घंटों में ही ट्रक भर कूड़ा निकलने के बाद डीएम उत्तरकाशी ने अभियान में जुटे हुए सहयोगियों को धन्यवाद दिया। उत्तरकाशी जिले के पर्यटक स्थल हर्षिल में चल रहे सफाई अभियान को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब खुद ही लोगों को मिल गया, जब 2 घंटे में ही एक ट्रक कूड़े से भर गया।

सीमांत जनपद उत्तरकाशी में चल रहे स्वछता पखवाड़ा अभियान के तहत डीएम और जिले के सभी अधिकारी कर्मचारी गंगा नदी के आसपास इलाकों में स्वछता अभियान में जुटे हैं।

डीएम उत्तरकाशी डॉक्टर आशीष चौहान ने बताया कि 16 दिसंबर को गंगनानी में इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है, जो गंगा के किनारे बसे एक कस्बा और नगरों में जारी रहेगी। करीब डेढ़ सौ कर्मचारी पर्यटक स्थल हर्षिल पहुंचे और केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान में जुट गए।

ग्राम प्रधान हर्षिल बसंती देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा, उनकी ग्राम सभा में स्वच्छता अभियान चल रहा है और उनसे कोई रायशुमारी नहीं की गई है। उन्होंने आपत्ति जताई कि एक दिन सरकारी कर्मचारी के आने से स्वछता नहीं होने वाली है।

हर्षिल गांव के ही सामाजिक कार्यकर्ता नागेंद्र रावत ने बताया कि उन्हें स्वच्छता अभियान की  जानकारी समाचार पत्र और न्यूज़ चैनल  के माध्यम से मिली है।उन्होंने कहा कि जिस गांव को साफ किया जाना है वहां के ग्रामीणों को विश्वास में लिया जाना बेहद जरूरी है।  हालांकि उन्होंने स्वच्छता अभियान की तारीफ की है । उन्होंने कहा 1 दिन के लिए गाड़ियों में भरकर सरकारी कर्मचारियों के आने से उनके ऑफिस का नुकसान तो होता ही है, किंतु वाहनों में लगने वाले तेल की बर्बादी भी होती है। लिहाजा सफाई अभियान में शामिल किए जाने वाले गांव के ग्रामीणों को जरूर अभियान में शामिल किया जाना चाहिए।

पुलिस फोर्स के साथ सफाई अभियान में जुटे पुलिस कप्तान ददन पाल ने बताया की यह स्वच्छता अभियान नहीं है, बल्कि स्वच्छता जागरूकता  अभियान है।  लोगों को इस बात के लिए जागरूक करना है कि वह अपने घर के आस-पास  कूड़ा न फेंके। यदि जिला प्रशासन और बाहर से आए हुए लोग आपके गांव की सफाई कर सकते हैं तो हम खुद अपने आसपास की सफाई क्यों नहीं कर सकते ? उन्होंने कहा कि पुलिस का काम आमतौर पर शांति व्यवस्था बनाए रखना होता है, किंतु सफाई अभियान में भी पुलिस अन्य लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होती है।

कार्यक्रम की सफलता को लेकर आरोपों और आशंकाओं के बीच महज 2 घंटे में ही एक ट्रक भर कूड़ा एकत्र हो जाने के बाद  डीएम डॉक्टर आशीष चौहान ने बताया यह पूरे पखवाड़े सफाई अभियान जारी रहेगा और कूड़े को उत्तरकाशी जिला मुख्यालय पहुंचाकर जैविक और अजैविक में बांटते हुए इसका निस्तारण किया जाएगा।

जनसंख्या के लिहाज से अपना देश भारत बहुत बड़ा है।  लिहाजा बिना जागरूकता के और स्वयं की समझ के कोई भी कानून डंडे के बल पर थोपा नहीं जा सकता। स्वच्छता अभियान को भी इसी दृष्टि से देखे जाने की जरूरत है। एक दिन झाड़ू उठाकर आपके इलाके में सफॉइ करने  वाले लोगों से केवल स्वच्छता जागरूकता की अपेक्षा की जानी चाहिए, न की इलाके को हमेशा साफ करने की अपेक्षा।  इस बात पर जोर दिए जाने की जरूरत है कि जिस तरीके से हम अपने घर के अंदर सफाई रखते हैं वही भाव अपने घर के आस पास भी स्वच्छता को लेकर बनाया जा सके। आखिर अपने घर और उसके आसपास की सफाई का जिम्मा देर सबेर  हमें  खुद ही उठाना है। ये अभियान तो महज  उस सोच के पैदा होने तक के लिए है।हैं इतना जरूर है कि घर और आपपास से निकले कूड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी सरकारी तंत्र की है सरकार की है।

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