खुद घाट की सफाई कर नमामि गंगे कार्यक्रम को दिखाया आइना

नमामि गंगे के सरकारी कार्यक्रम को दिखाया आईना जिला व्यापार मंडल की पहल पर हुई घाट सफाई  मिलने लगे हाथ – जुटते चले गए श्रद्धालु।10 दिन की सफाई एक ही दिन मे हुई पूरी गिरीश गैरोला   दिवाली के पावन मौके पर जहां लोग अपने घर की साफ सफाई मे जुटे हैं और उसे सजाने संवारने  […]

नमामि गंगे के सरकारी कार्यक्रम को दिखाया आईना
जिला व्यापार मंडल की पहल पर हुई घाट सफाई 
मिलने लगे हाथ – जुटते चले गए श्रद्धालु।10 दिन की सफाई एक ही दिन मे हुई पूरी
गिरीश गैरोला  
दिवाली के पावन मौके पर जहां लोग अपने घर की साफ सफाई मे जुटे हैं और उसे सजाने संवारने  मे जुटे हैं, वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिला व्यापार मण्डल की पहल पर श्रद्धालुओं के एक समूह ने पवित्र मणि कर्णिका घाट पर साफ-सफाई कर उसे भी दिवाली की पुजा के लिए तैयार कर नमामि गंगे के सरकारी कार्यक्रम को आईना दिखाने का काम किया है।
उत्तरकाशी का पवित्र मणि कर्णिका घाट।मान्यता  है कि शिव पार्वती खुद इस  घाट पर स्नान के लिए आते हैं।
  कहा जाता  है कि घाट पर  स्नान के समय एक बार  माँ पार्वती के कानों की मणि यहां गिर गयी, जिसके बाद इस घाट को मणि कर्णिका घाट कहा जाने लगा। आज भी विभिन्न धार्मिक पर्वों पर यहां देव डोलियों के साथ इन्सानों का हुजूम स्नान के लिए उमड़ता है। मानसून के दौरान गंगाजी के बढ़े  हुए जल स्तर के साथ बजरी और पत्थर घाट के पास जमा हो गए थे। जिस कारण वहां निर्मित शेड मे पूजा आदि का काम नहीं हो पा रहा था। रोज सुबह घाट पर स्नान के बाद गंगा जल भर कर बाबा विश्वनाथ को चढ़ाने वालों की भीड़ यहां आती है, किन्तु दिवाली के लिए अपने घरों को सजाने संवारने मे लगे लोगों को माँ गंगा के घाट की सफाई का ध्यान भी नहीं आया।
 जिला व्यापार मण्डल के जिला अध्यक्ष सुभाष बडोनी ने बताया कि हमेशा की तरह इस बार भी व्यापार मण्डल घाट की सफाई  के लिए यहां आया था।उन्हे देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु भी अपने आप सफाई मे जुट गए और जिस काम के लिए 8 से 10 दिन लगने वाले थे, वो कम जनता के सहयोग से महज एक ही दिन मे पूरा हो गया।
जिला व्यापार मण्डल के सचिव अजय बड़ोला ने बताया कि दिवाली के लिए अपने घरों की तरह पवित्र घाट को भी 365 दियों की रोशनी से सजाने का संकल्प लिया गया है।
समाज सेविका मीना श्रीवास्तव ने बताया कि अपने घर के काम  की  तरह गंगा के काम के  लिए ऐसे ही लोग जुटे तो पूरे देश मे सफाई हो जाएगी और इसके  लिए किसी सरकारी एजेंसी  का मुंह नहीं देखना पड़ेगा।

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