टिहरी के 359 स्कूलों में बिन बिजली कंप्यूटर बन रहे शोपीस!

जब सोलर ऊर्जा उपलब्ध है तो फिर सरकार क्यों नहीं कर पा रही है उपयोग! जहां एक तरफ राज्य सरकार से लेकर केन्द्र सरकार शिक्षा और डिजिटल इंडिया पर जोर देने की बात कर रही है, वहीं उत्तराखण्ड के टिहरी जिले में चौकाने वाला मामला सामने आया है.टिहरी जिले में अभी भी 359 प्राथमिक एवं […]

जब सोलर ऊर्जा उपलब्ध है तो फिर सरकार क्यों नहीं कर पा रही है उपयोग!

जहां एक तरफ राज्य सरकार से लेकर केन्द्र सरकार शिक्षा और डिजिटल इंडिया पर जोर देने की बात कर रही है, वहीं उत्तराखण्ड के टिहरी जिले में चौकाने वाला मामला सामने आया है.टिहरी जिले में अभी भी 359 प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों में बिजली की सुविधा नहीं है। इससे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।शिक्षा के इस आधुनिक दौर में सरकारी विद्यालय सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। जिले में 1776 प्राथमिक विद्यालय जबकि 350 जूनियर विद्यालय हैं। इनमें से 359 विद्यालय ऐसे हैं, जहां बिजली की सुविधा नहीं है। इनमें सबसे ज्यादा विद्युत विहीन 77 विद्यालय प्रतापनगर में हैं। बिजली न होने के कारण बरसात के समय में जब कमरों में अंधेरा होता है तो उन्हें पढ़ने में भी दिक्कत होती है। वहीं छात्रों को तकनीकी शिक्षा भी नहीं मिल पाती है।

बिजली के बिना ब्लाकवार स्कूलो की संख्या
भिलंगना, 73
चंबा, 19
देवप्रयाग, 44
जाखणीधार, 30
जौनपुर, 42
कीर्तिनगर, 26
नरेंनगर, 24
प्रतापनगर, 77
थौलधार, 24

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