मुख्यमंत्री की पिटती फिल्म और मजे लेते मैनेजर!

लाखों रुपए खर्च करना पड़ रहा जनता पर भारी उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार में एक दर्जन मीडिया मैनेजर रखे गए हैं, ताकि सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जा सके। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की पल-पल की जानकारियां आगे बढ़ाना और जनता के सवाल सुनने और उनका जवाब देने की जिम्मेदारी इन मीडिया मैनेजरों पर […]

लाखों रुपए खर्च करना पड़ रहा जनता पर भारी

उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार में एक दर्जन मीडिया मैनेजर रखे गए हैं, ताकि सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जा सके। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की पल-पल की जानकारियां आगे बढ़ाना और जनता के सवाल सुनने और उनका जवाब देने की जिम्मेदारी इन मीडिया मैनेजरों पर तय की गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का सोशल मीडिया एकाउंट चलाने के लिए भी अतिरिक्त रूप से सोशल मीडिया समन्वयक भी भर्ती किए गए हैं, ताकि डिजिटल इंडिया के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति की बात का जवाब दिया जा सके।


मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया एकाउंट पर तमाम तरह की गतिविधियां चलती हैं। मुख्यमंत्री के प्रत्येक कार्यक्रम में शामिल होने की खबरें चलती हैं। उस पर यदि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का सवाल खड़ा करता है या सरकार से पूछता है तो किसी को भी जवाब नहीं मिलता। एक प्रकार से यह सोशल मीडिया एकाउंट सरकार की तरफ से एकतरफा चल रहा है। जनहित के मुद्दों पर तमाम तरह के सवाल खड़े करने के बावजूद कभी कोई जिम्मेदार व्यक्ति सरकार की ओर से न तो प्रतिक्रिया देता है न जवाब। इस कारण सरकार की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।


इन दिनों सोशल मीडिया में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का मजाक उड़ाते हुए एक फोटो वायरल हो रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री के हाथ में एक पाइप है और वो उससे रिस्पना नदी में छिड़काव कर रहे हैं। इस फोटो को वायरल करने वाले लोग मुख्यमंत्री का मजाक उड़ा रहे हैं कि रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने के लिए त्रिवेंद्र रावत आधा इंच के एक पाइप से रिस्पना नदी को पुनर्जीवित कर रहे हैं। भारी मात्रा में वायरल हो रही इस फोटो के कारण सरकार आलोचना का शिकार हो रही है। कोई कह रहा है कि नदी में इस तरह पानी डालने से नदी की प्यास नहीं बुझने वाली तो कोई कह रहा है कि यह नौटंकी की पराकाष्ठा है।
असल बात यह है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रिस्पना नदी सफाई अभियान के तहत एक बार कचरे को समाप्त करने वाले केमिकल का छिड़काव नदी में शुरू किया था, ताकि नदी स्वच्छ हो जाए, किंतु उनकी इस बात को आगे बढ़ाने वाले मीडिया मैनेजर दिनभर सैल्फी लेकर स्वयं की ब्रांडिंग करने में व्यस्त हैं। जिसके कारण सरकार की खूब छिछालेदर हो रही है।

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