राज्य मंत्री के पति के खिलाफ नैनीताल SSP के पास शिकायत

नैनीताल जिले के हल्द्वानी निवासी नरेश गंगवार ने बहला-फुसलाकर अपनी किडनी निकलवा लेने को लेकर उत्तराखंड सरकार की राज्य मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए नैनीताल के एसएसपी को कार्यवाही करने के लिए तहरीर दी है। नरेश साहू के फार्म हाउस पर नौकर है। इस शिकायत में गंगवार […]

नैनीताल जिले के हल्द्वानी निवासी नरेश गंगवार ने बहला-फुसलाकर अपनी किडनी निकलवा लेने को लेकर उत्तराखंड सरकार की राज्य मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए नैनीताल के एसएसपी को कार्यवाही करने के लिए तहरीर दी है। नरेश साहू के फार्म हाउस पर नौकर है।

इस शिकायत में गंगवार ने कहा है कि गिरधारी लाल साहू ने उसे श्रीलंका ले जाकर किडनी निकलवा ली। नैनीताल के एसएसपी जन्मेजय खंडूरी कहते हैं कि यह मामला अंग तस्करी का हो सकता है।

इस पत्र की जांच के लिए एसएचओ हल्द्वानी को निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी नैनीताल जन्मेजय खंडूरी का कहना है कि यह पत्र स्पीड पोस्ट से रूटीन डाक में प्राप्त हुआ तथा उन्होंने हाथों-हाथ हल्द्वानी कोतवाली के एसएचओ को जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। जबकि गंगवार का कहना है कि वह स्वयं मिले थे। गौरतलब है कि इस मामले को पहले ही उत्तराखंड का प्रमुख साप्ताहिक अखबार संडे पोस्ट प्रमुखता से सभी सबूतों के साथ प्रकाशित कर चुका है।

यदि इस मामले की थोड़ी भी गंभीरता से जांच हुई तो फिर गिरधारी लाल साहू पर शिकंजा कसना तय है। कानून के मुताबिक अंग प्रत्यारोपण सगे रिश्तेदारों के बीच में ही हो सकता है। जबकि गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली पत्नी वैजयंती माला की किडनी प्रत्यारोपण करने के लिए नरेश गंगवार को अपना भाई बताया था। पहले किडनी प्रत्यारोपण मेदांता हॉस्पिटल में किया जाना तय था। किंतु जब मेदांता अस्पताल में गिरधारी लाल साहू से नरेश से संबंधों का प्रमाण मांगा गया तो वह बता नहीं पाया तथा किडनी प्रत्यारोपण के लिए पत्नी तथा नौकर नरेश गंगवार को सीधे श्रीलंका लेकर चला गया। श्रीलंका अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण के बाद वापस लौटा गिरधारीलाल फिर गंगवार से कोई भी वादा निभाने से साफ मुकर गया।

हताश होकर गंगवार पहले तो संडे पोस्ट के पास गया और खबर प्रकाशित होने के बाद उसने एसएसपी नैनीताल को अपनी शिकायत कर दी ।

आने वाले समय में इस नए प्रकरण के बाद गिरधारी लाल साहू की मुसीबत बढ़नी तो तय ही है। साथ ही उत्तराखंड में जीरो टॉलरेंस की सरकार पर भी इसकी आंच आ सकती है। हालांकि पुलिस राज्य मंत्री के दबाव में मानी जा रही है। तथा पुलिस सूत्र कुछ भी स्पष्ट कहने से परहेज बरत रहे हैं। रेखा आर्य का कहना है कि नरेश गंगवार के आरोप सही नहीं है। बहरहाल नरेश गंगवार द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज चीख- चीख कर कह रहे हैं कि उसे धोखे में रखकर उसकी किडनी निकाली गई और अब उसे प्रताड़ित किया जा रहा है।

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